इंदौर| इंदौर में बुधवार सुबह एक बुजुर्ग ने कोरोना के संदेह में अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। महाराजा तुकोजीराव होलकर (एमटीएच) अस्पताल में भर्ती कराए गए 78 वर्षीय बुजुर्ग ने बुधवार सुबह चौथी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या कर ली।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों फेफड़ों के गंभीर निमोनिया से जूझ रहा यह उम्रदराज मरीज जांच में कोविड-19 संक्रमित नहीं मिला था और संभवत: उसने अचानक अवसाद में आकर कथित तौर पर खुदकुशी का कदम उठाया। वह रोगी पिछले 19 दिन से अस्पताल में भर्ती था।
एमटीएच के प्रभारी डॉ. सुमित शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की चौथी मंजिल पर भर्ती सत्यपाल आहूजा (78) ने इसी तल से अचानक छलांग लगा दी। उनके पलंग के पास ही खिड़की थी जहां से वह नीचे कूद गए। उन्होंने बताया कि घटना में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
स्वास्थ्य विभाग ने 300 बिस्तरों वाले एमटीएच को ‘येलो श्रेणी’ के अस्पताल का दर्जा दिया है यानी इसे कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए चिन्हित किया गया है।
एमटीएच के प्रभारी डॉ. सुमित शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की चौथी मंजिल पर भर्ती सत्यपाल आहूजा (78) ने इसी तल से अचानक छलांग लगा दी। उनके पलंग के पास ही खिड़की थी जहां से वह नीचे कूद गए। उन्होंने बताया कि घटना में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
स्वास्थ्य विभाग ने 300 बिस्तरों वाले एमटीएच को ‘येलो श्रेणी’ के अस्पताल का दर्जा दिया है यानी इसे कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए चिन्हित किया गया है।
शुक्ला ने बताया कि आहूजा को कोविड-19 के संदेह में ही इस अस्पताल में 24 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। हालांकि, वह जांच में इस महामारी से संक्रमित नहीं पाए गए थे। उन्होंने बताया कि आहूजा को एमटीएच अस्पताल में इसलिए भर्ती रखा गया था क्योंकि वह दोनों फेफड़ों के गंभीर निमोनिया से जूझ रहे थे और सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें मेडिकल यंत्रों से ऑक्सीजन दी जा रही थी।





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