नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों की स्थिति की जानकारी पीएम को दी। इस दौरान प्रवासी मजदूरों को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कोरोना के समय राजनीति से परहेज की बात भी की।
बैठक से पहले केन्द्र सरकार ने रविवार को यह साफ कर दिया था कि कंटेनमेंट ज़ोन में गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो। साथ ही कोरोना संक्रमण वाले इलाकों की साफ तौर पर घेराबंदी की जाए। मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ कई कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे।
आइए जानते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की बड़ी बातें:
1. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का कहना है कि हम सफलतापूर्वक कोरोना के खिलाफ इस पूरी लड़ाई में लड़ रहे हैं। इसमें राज्य सरकारों ने अहम भूमिका निभाई है। सभी सरकारों ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी भूमिका निभाई है।
2. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने शुरू से इस बात पर जोड़ दिया कि जो जहां हैं वहीं रहें। लेकिन घर जाना मानव का स्वभाव होता है, इसलिए हमने अपना निर्णय बदला। इसके बावजूद, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह बीमारी गांवों में नहीं फैले। यही हमारी बड़ी चुनौती है।
3. बैठक में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह ने आरोग्य सेतु मोबाइल एप के महत्व पर प्रकाश डाला और मुख्यमंत्रियों से इसके डाउनलोड को लोकप्रिय बनाने के लिए आग्रह किया, क्योंकि इससे वायरस के प्रसार पर नज़र रखने में मदद मिलेगी।
4. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव इस बात पर आशंका जाहिर की है कि ट्रेन सेवा की शुरुआत होने पर कोरोना संक्रमण फैल सकता है और स्क्रीनिंग करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। ट्रेन सेवा की इजाजत नही दी जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि केन्द्र पर्याप्त रणनीति तैयार करें और ट्रेन सेवा को रोका जाना चाहिए।”
5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्यों की बैठक में तमिलनाडु ने एनएचएम फंड जल्द से जल्द जारी करने की मांग करते हुए राज्य के लिए 2000 करोड़ रुपये की विशेष मदद और लंबित पड़ी जीएसटी की राशि जारी करने को कहा।
6. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने पीएम मोदी के साथ बैठक के दौरान कहा कि राज्य में करी 30 हजार लोगों को अतिसंवेदनशील मानकर उनकी जांच की गई। हमें हालात सामान्य करने की और उस कलंक के धब्बे को खत्म करने की जरूरत है। कोरोना पॉजिटिव परिवार सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे हैं।
7. सीएम रेड्डी ने कहा कि हमने लोगों से यह अपील की है कि वे सेल्फ आइसोलेशन के लिए आगे आएं। हमें लोगो को वैक्सीन के तैयार होने तक इस कोरोना वायरस के साथ जीने के लिए तैयार करना होगा। हमें वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए व्यापक तौर पर जागरूक करना होगा।
8. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान कहा, एक राज्य के तौर पर हमले कोरोना संक्रमण से लड़ने में अपना बेहतर कर रहे हैं। केन्द्र को इस मुश्किल घड़ी में राजनीति नहीं करनी चाहिए।
9. ममता ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और अन्य बड़े राज्यों घिरे हुए हैं और इसका सामना करना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को बराबर का महत्व मिलना चाहिए और हमें टीम इंडिया की तरह काम करना चाहिए।
10. गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन को कंटेनमेंट जोन तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। सुरक्षात्मक उपायों के साथ आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के साथ ही और गर्मी छुट्टी के बाद स्कूल- कॉलेजों को खोलने और सार्वजनिक परिवहन को धीरे से शुरू करना चाहिए।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों की स्थिति की जानकारी पीएम को दी। इस दौरान प्रवासी मजदूरों को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कोरोना के समय राजनीति से परहेज की बात भी की।
बैठक से पहले केन्द्र सरकार ने रविवार को यह साफ कर दिया था कि कंटेनमेंट ज़ोन में गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो। साथ ही कोरोना संक्रमण वाले इलाकों की साफ तौर पर घेराबंदी की जाए। मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ कई कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे।
आइए जानते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की बड़ी बातें:
1. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का कहना है कि हम सफलतापूर्वक कोरोना के खिलाफ इस पूरी लड़ाई में लड़ रहे हैं। इसमें राज्य सरकारों ने अहम भूमिका निभाई है। सभी सरकारों ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी भूमिका निभाई है।
2. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने शुरू से इस बात पर जोड़ दिया कि जो जहां हैं वहीं रहें। लेकिन घर जाना मानव का स्वभाव होता है, इसलिए हमने अपना निर्णय बदला। इसके बावजूद, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह बीमारी गांवों में नहीं फैले। यही हमारी बड़ी चुनौती है।
3. बैठक में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह ने आरोग्य सेतु मोबाइल एप के महत्व पर प्रकाश डाला और मुख्यमंत्रियों से इसके डाउनलोड को लोकप्रिय बनाने के लिए आग्रह किया, क्योंकि इससे वायरस के प्रसार पर नज़र रखने में मदद मिलेगी।
4. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव इस बात पर आशंका जाहिर की है कि ट्रेन सेवा की शुरुआत होने पर कोरोना संक्रमण फैल सकता है और स्क्रीनिंग करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। ट्रेन सेवा की इजाजत नही दी जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि केन्द्र पर्याप्त रणनीति तैयार करें और ट्रेन सेवा को रोका जाना चाहिए।”
5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्यों की बैठक में तमिलनाडु ने एनएचएम फंड जल्द से जल्द जारी करने की मांग करते हुए राज्य के लिए 2000 करोड़ रुपये की विशेष मदद और लंबित पड़ी जीएसटी की राशि जारी करने को कहा।
6. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने पीएम मोदी के साथ बैठक के दौरान कहा कि राज्य में करी 30 हजार लोगों को अतिसंवेदनशील मानकर उनकी जांच की गई। हमें हालात सामान्य करने की और उस कलंक के धब्बे को खत्म करने की जरूरत है। कोरोना पॉजिटिव परिवार सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे हैं।
7. सीएम रेड्डी ने कहा कि हमने लोगों से यह अपील की है कि वे सेल्फ आइसोलेशन के लिए आगे आएं। हमें लोगो को वैक्सीन के तैयार होने तक इस कोरोना वायरस के साथ जीने के लिए तैयार करना होगा। हमें वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए व्यापक तौर पर जागरूक करना होगा।
8. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान कहा, एक राज्य के तौर पर हमले कोरोना संक्रमण से लड़ने में अपना बेहतर कर रहे हैं। केन्द्र को इस मुश्किल घड़ी में राजनीति नहीं करनी चाहिए।
9. ममता ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और अन्य बड़े राज्यों घिरे हुए हैं और इसका सामना करना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को बराबर का महत्व मिलना चाहिए और हमें टीम इंडिया की तरह काम करना चाहिए।
10. गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन को कंटेनमेंट जोन तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। सुरक्षात्मक उपायों के साथ आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के साथ ही और गर्मी छुट्टी के बाद स्कूल- कॉलेजों को खोलने और सार्वजनिक परिवहन को धीरे से शुरू करना चाहिए।
See also आर्थिक पक्ष मजबूत करना है तो अपनाएं ये उपाय दिन दुगनी रात चौगुनी बढ़ती महंगाई और आम जिंदगी की जरुरतों के कारण आपकी आर्थिक स्थिति बार-बार डांवाडोल हो रही है तो परेशान होने की बजाय इस समस्या का समाधान खुद निकालें। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में लक्ष्मी की कृपा बरसती रहे और घर में सुख-समृद्धि का वास हो। लेकिन कई बार प्रयास करने के बावजूद भी घर में लक्ष्मी नहीं रूकती हैं। शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी का दिन माना जाता है। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें शुक्रवार के दिन अपनाने से आपकी आर्थिक स्थिति में अवश्य सुधार आएगा। लक्ष्मी माता आपसे प्रसन्न होकर घर में धन वर्षा करेंगी। ये बहुत ही अद्भुत व सरल उपाय हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत करने के कुछ उपाय समस्या का समाधन यह है कि आप कुछ ऐसे उपाय करें जिससे एक ओर आपकी आय बढ़े तो वहीं दूसरी ओर आय के मुकाबले खर्च में कमी आए। यदि इन दोनों बातों में तालमेल बन जाए तो आपकी आर्थिक समस्या से जुड़ी चिंताएं दूर हो जाएगीं। इसके लिए पांच उपाय ऐसे हैं जिन्हें आप आसानी से आजमा सकते हैं। झाड़ू से धन आगमन का बनाएं रास्ता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार झाड़ू में देवी लक्ष्मी का वास होता है जो कंगाली और दरिद्रता को दूर करके घर में सुख-संपत्ति की वृद्धि करती हैं। यही कारण है कि झाड़ू को छुपाकर रखने की बात कही जाती है और कहा जाता है कि झाड़ू को न कभी पटकना और न ही पैर लगाना चाहिए। जो लोग धन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं उन्हें शुक्रवार के दिन झाड़ू मंदिर में दान करना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और आय में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। गाय को खिलाए रोटी नियमित रूप से गाय को रोटी या हरी घास खिलाकर व्यक्ति अपने जीवन में बहुत से सकारात्मक बदलाव ला सकता है। ऐसा करने वाले व्यक्ति की कुंडली में बैठे क्रूर ग्रह शांत होते हैं और घर में लक्ष्मी की कृपा बरसती रहे और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। धनिये से करें धन में वृद्धि धन वृद्धि हेतु एक अन्य उपाय आप यह भी कर सकते हैं कि शुक्ल पक्ष के किसी भी मंगलवार या गुरुवार के दिन एक मिट्टी के बर्तन में 21 रुपये के सिक्के डालकर उसके ऊपर मिट्टी भर इसमें धनिया बो दें। इसे नियमित जल दें। यदि धनिया खूब हरा भरा उपजे तो समझ लीजिए कि आपकी आर्थिक स्थिति सुधारने वाली है। धनिये के पत्ते को आप जैसे चाहें वैसा उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद सिक्कों को निकालकर लाल कपड़े में बांधकर घर के उस स्थान में रख दें, जहां आप पैसे या कीमती सामान रखते हैं। गरुवार या शुक्रवार के दिन करें यह काम शुक्रवार के दिन अशोक के पेड़ की जड़ लाकर उसे गंगा जल से शुद्ध करके लाल कपड़े में लपेट कर दाएं हाथ के बाजू में बांध लें। अगर आप चाहें तो इसे तिजोरी या धन रखने के स्थान पर भी रख सकते हैं। इसके अलावा एक अन्य उपाय आजमा सकते हैं, गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की जड़ को पीले कपड़े में लपेटकर दाएं बाजू में बांध लें। यह भी धन बाधा दूर करने में आपकी सहायता करेगा। यह दोनों ही ग्रह धन और सुख के कारक हैं। लेकिन यह ध्यान रखें कि केवल एक ही वस्तु का प्रयोग करें। दोनों का प्रयोग करने पर परिणाम विपरीत मिल सकता है और लाभ के बजाय आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इन दोनों ग्रहों में शत्रुवत संबंध हैं। शनिवार के दिन करें धन वृद्धि के यह उपाय धन लाभ के लिए शनिवार के दिन एक सूखा नारियल लेकर उसके बीच में सुराख बना लें और उसके अंदर आटा, चीनी, तिल और गुड़ भर दें। इस नारियल को शाम के समय सुनसान स्थान पर ले जाकर जमीन में दबा दें। इस उपाय से ग्रह दोषों के कारण धन आगमन में आने वाली बाधाएं दूर होगीं। प्रयास करें कि हर शनिवार के दिन चिटियों को आटा दें और शनि महाराज को सरसो के तेल का दीप दान करें।
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