साणंद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबलिंग एंड टेस्टिंग प्लांट का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में लोकप्रिय संवाद "सुन रहे हो न विनोद" का इस्तेमाल किया, जिस पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और ठहाके लगाए।
दरअसल, उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए "सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल साल्यूशंस" के चेयरमैन वेल्लायन सुबैया ने गुजराती की दो कहावतों का इस्तेमाल किया। जब पीएम मोदी बोलने आए, तो उन्होंने भी इन कहावतों का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम ने कहा-सुबैया जी ने गुजराती की एक कहावत कही-निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान (ऊंचा लक्ष्य चूकना माफ है, लेकिन कम लक्ष्य तय करना नहीं)। मैं कभी छोटे लक्ष्य नहीं रखता, न ही छोटा सोच रखता हूं। यदि मुझे कोई प्रतिमा बनानी हो, तो मैं उसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाऊंगा। प्रधानमंत्री का यह बयान स्पष्ट रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल की "स्टेच्यू आफ यूनिटी" के संदर्भ में था।
पंचायत वेब सीरीज का फेमस डायलॉग
इसके बाद मोदी ने कहा- और सुबैया जी ने "काम बोले छे" भी कहा…। "सुन रहे हो न विनोद"… काम बोलता है। यह सुनते ही सभा में मौजूद लोग और मंच पर उपस्थित अन्य लोग ठहाके लगाने लगे। उल्लेखनीय है कि "सुन रहे हो न विनोद" (या "देख रहा है विनोद") लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत का एक प्रसिद्ध डायलॉग है। इंटरनेट पर यह संवाद बहुत बड़ा मीम बन गया है।





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