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PFI पर फिर एक्शन: 8 राज्‍यों में ताबड़तोड़ रेड, 170 वर्कर्स हिरासत में




पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ फिर एक बार आज (मंगलवार को) बड़ा एक्शन लिया गया है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम सहित कई राज्यों में पीएफआई के ठिकानों छापेमारी जारी है. एक हफ्ते में दूसरी बार पीएफआई के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. बता दें कि कई राज्यों की पुलिस, PFI के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. पीएफआई के कुछ लोकेशंस पर रेड डाली जा रही हैं. जान लें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को लेकर ATS की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छापेमारी जारी है. मेरठ-बुलंदशहर से कई लोग कस्टडी में लिए गए हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. अलग-अलग राज्यों से अब तक 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

कई राज्यों में PFI के ठिकानों पर छापेमारी

बता दें कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत एमपी के 6 से 7 शहरों में NIA के PFI के कई ठिकानों पर छापे हो रहे हैं. देश के कई राज्यों में जारी इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, केरल, गुजरात, कर्नाटक, असम और गुजरात शामिल हैं. भोपाल में पीएफआई के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी हो रही है. मध्य प्रदेश के आधा दर्जन शहरों में रेड हो रही है.महाराष्ट्र के औरंगाबाद और सोलापूर में भी रातभर छापेमारी हुई. औरंगाबाद में पुलिस ने 13 लोगों को अरेस्ट किया. वहीं सोलापूर में 1 संदिग्ध पकड़ा गया है.

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अयोध्या और काशी में दंगे की साजिश

पीएफआई पर कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या और काशी में दंगे कराने की साजिश रची गई थी. एसडीपीआई चीफ फैजी पर साजिश रचने का शक है. मामले की जांच की जा रही है. लगातार छापेमारी हो रही है.

असम में हिरासत में लिए गए PFI के 4 लोग

असम के एडीजीपी (स्पेशल ब्रांच) हिरेन नाथ ने बताया कि पीएफआई से जुड़े 4 लोगों को आज नगरबेड़ा इलाके से हिरासत में लिया गया. पीएफआई के खिलाफ हमारा अभियान जिले के कई हिस्सों में जारी है. इससे पहले, असम पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से पीएफआई के 11 कार्यकर्ताओं और दिल्ली से एक नेता को गिरफ्तार किया था.

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गुजरात में SDPI पर शिकंजा

गुजरात ATS द्वारा अहमदाबाद, सूरत और बनासकांठा से 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है. गुजरात में पीएफआई सक्रिय नहीं है, बल्कि उसकी राजनीतिक पार्टी एसडीपीआई है. सूत्रों की मानें तो जिन 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके तार विदेशों में बैठे कुछ लोगों से हैं. फिलहाल, गुजरात एटीएस इनकी पड़ताल कर रही है. इसके अलावा पीएफआई मामले में यूपी के 86 WhatsApp ग्रुप रडार पर हैं. 2 साल में पीएफआई सदस्यों की लाइफस्टाइल बदल गई. CAA के नाम पर हुई हिंसा के बाद इस पूरे रैकेट पर नजर रखी जा रही थी.

पीएफआई के खिलाफ मिले सबूत

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार पीएफआई (PFI) पर बैन लगाने का विचार कर रही है. एनआईए (NIA) और ईडी (ED) की छापेमारी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर बैन लगाने का विचार हो रहा है. खुफिया एजेंसियों के पास PFI की गतिविधियों की पूरी जानकारी मौजूद है. 15 राज्यों में 106 जगहों पर एजेंसियों की रेड और सबूतों के मिलने के बाद कई राज्य सरकारें भी PFI को बैन करने की मांग कर चुकी हैं.

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UAPA के तहत दर्ज हो चुकी हैं 5 एफआईआर

बता दें कि बीते 22 सितंबर को NIA, ED और राज्यों की पुलिस ने पीएफआई से जुड़े 106 लोगों को गिरफ्तार किया था. इससे पहले कई एफआईआर NIA ने PFI पर दर्ज कीं. 22 सितंबर को देशभर के PFI के खिलाफ एक्शन में NIA ने UAPA के तहत 5 एफआईआर दर्ज की हैं.

क्या है पीएफआई की साजिश?

बता दें कि महाराष्ट्र एटीएस (Maharashtra ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बीते दिनों पीएफआई के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया. एनआईए ने देशभर की अलग-अलग राज्यों की पुलिस और एटीएस की मदद से पीएफआई के कई लोगों को अरेस्ट किया. जान लें कि इस एक्शन में सबसे ज्यादा गिरफ्तारी महाराष्ट्र में हुईं. अरेस्ट किए गए पीएफआई के लोगों से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जानकारी मिली कि कैसे पीएफआई, आरएसएस और बीजेपी के नेताओं की जानकारी इकट्ठा कर रही थी.

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