
देवगुरु बृहस्पति अपनी ही राशि मीन में मार्गी हो चुके हैं और इस राशि में वह पांच महीनों तक रहेंगे। इसके बाद गुरु मीन राशि से निकलकर मेष राशि में परिवर्तन कर जाएंगे। वैदिक ज्योतिष में गुरु को भाग्य, उच्च शिक्षा, धन, ज्ञान, सम्मान, समृद्धि का कारक ग्रह माना गया है अर्थात कुंडली में जब गुरु की स्थिति अनुकूल रहेगी तो इन चीजों की आपके पास कमी नहीं होगी। इसी वजह से सफलता प्राप्ति के लिए गुरु की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अगर आपके जीवन में आर्थिक समस्याएं चिंता का विषय बन गई है या भाग्य का ज्यादा साथ नहीं मिल रहा है तो आप ज्योतिष के इन सरल उपायों से कुंडली में बृहस्पति ग्रह की स्थिति को प्रबल बना सकते हैं और इसका पांच महीनों तक पूरा फायदा ले सकते हैं। आइए जानते हैं ज्योतिष के इन उपायों के बारे में, जिससे आप समृद्धि और सम्मान प्राप्त कर सकेंगे…





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