चूना खाने के आश्चर्यजनक फायदे
जो शायद आप न जानते हों फौलाद बनाता है चुना
By manu Mishra May 20,2022
चूना यानी लाइमवाटर का आमतौर पर पान के साथ इस्तेमाल किया जाता है। उन कई शहरों में, जहां पानी में कैल्शियम की कमी है, लोग चूना इसक पूर्ति करते हैं। भोपाल ऐसे शहरों में से एक है। चूना खाने के कई लाभ हैं। यह कई शारीरिक और मानसिक विकारों को दूर करता है। चूना हड्डियों, मेमोरी, गर्भधारण और नपुंसकता संबंधी विकारों में काफी लाभ देता है। आइए जानते हैं चूने के लाभ, जो आप शायद न जानते हों।
रक्त की कमी को करता है पूरा–
चूना खाना वयस्कों के अलावा बढ़ते बच्चों के लिए भी लाभदायक है। दाल या पानी के साथ चूने के पाउडर का इस्तेमाल करें। अनार के रस के साथ इसका मिश्रण बुद्धिबल बढ़ाता है और शरीर में अतिरिक्त उर्जा का संचार करता है। यह रक्त की कमी को भी पूरा करता है, इसलिए एनिमिक व्यक्ति भी इससे लाभ ले सकते हैं। एनिमिया से पीड़ित व्यक्ति को सुबह खाली पेट, अनार के जूस के साथ चूने के पाउडर का सेवन करना चाहिए। अनार के जूस की अनुपस्थिति में किसी भी रस या पानी से भी इसे खा सकते हैं।
नपुंसकता में फायदेमंद-
पुरुषों में नपुंसकता का प्रमुख कारण शुक्राणुओं की कमी माना जाता है। ऐसे पुरुष, चूने के पाउडर का सेवन गन्ने के रस के साथ करें, फायदा होगा। दैनिक रूप से इस्तेमाल करने से धीरे-धीरे शुक्राणुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगेगी। इसके अलावा, जो महिलाएं भी प्रजनन नहीं कर पा रही हैं और जिसका प्रमुख कारण अंडों की कमी है, भी गन्ने के रस के साथ चूना लें, उन्हें भी इससे लाभ होगा और अंडों की संख्या में वृद्धि होगी।
मासिक धर्म के दौरान लाभ-
महिलाओं को माहवारी के दौरान कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूने का सेवन उन्हें इन समस्याओं से मुक्त कर सकता है। साथ ही चूने का सेवन मेनोपॉस, गर्भावस्था आदि के दौरान होने वाली शारीरिक समस्याओं का भी इलाज है। जब महिलाओं, 50 की उम्र पार करती हैं, तो उन्हें कैल्शियम कार्बोनेट की अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है और चूने में यह भरपूर है। गर्भवती महिलाओं को भी अनार के रस के साथ चूने के पाउडर के सेवन की सलाह दी जाती है। यह न केवल महिला बल्कि होने वाले बच्चे को लिए भी लाभदायक होता है। होने वाले बच्चे का दिमाग तेज होता है, और डिलीवरी भी आराम से होती है। न केवल गर्भावस्था, बल्कि इसके बाद भी शिशु और मां, दोनों स्वस्थ रहते हैं।
हड्डियों की समस्या का निवारण-
हमारे दांत और हड्डियां मूलतः कैल्शियम से बने हुए हैं और इनमें कैल्शियम की कमी, चूने के माध्यम से पूरी हो सकती है। रीढ़ की हड्डी, कंधे, पैरदर्द आदि भी चूने के सेवन से ठीक हो सकते हैं। इसके लिए आप दाल, फल, दही या अन्य खाने वाले पदार्थों के साथ चूने का उपयोग कर सकते हैं।
चूना है बेहतर फेसपैक-
चूने का उपयोग चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। शहद और चूने ते पाउडर सहित घर में एक फैसपैक बना लें। इसले लिए एक छोटे चम्मच शहद में बड़ा चम्मच चूना पाउडर मिलाएं और अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण को फिर चेहरे पर लगाएं। इसे 10 मिनिट तक सूखने दें और फिर ताजा पानी से धो लें। आपकी त्वचा चमकदार और स्वस्थ होगी।
बच्चों की बढ़ाए लंबाई-
चूना बच्चों की लंबाई बढ़ाने में भी सहायक है। बच्चों को दही या दाल में गेहूं के आकार का चूना मिलाकर, उन्हें दें, जिससे उन्हें लाभ होगा। चूना बच्चों और वयस्कों के दांतों के लिए भी फायदेमंद है। युवा बच्चों की कील मुंहासों की समस्या में भी यह कारगर है। गेहूं के बराबर दाने वाले चूने को लेकर, इसमें छोड़ा सा शहद मिलाएं और इसे कील मुंहासों वाले स्थान पर लगा लें। लाभ होगा। चूने से आप मस्सा भी ठीक कर सकते हैं। पोटाश, कॉपर सल्फेट और सुहागा (सभी पाउडर) में चूना पाउडर मिलाकर, इसे मस्से वाले स्थान पर लगाएं। लगातार कुछ दिन ऐसा करें, मस्सा बहुत जल्दी गायब हो जाएगा।
पीलिया में फायदेमंद-
चूना पीलिया की बीमारी में भी लाभ देता है। लीवर की कार्यप्रणाली खराब होने से पीलिया होता है। गन्ने के रस में चूना पाउडर मिलाएं और रोगी को पिलाएं। ऐसा नियमित कुछ दिन करें, रोगी जल्दी ठीक होगा। फोड़े-फुंसी के इलाज के लिए भी चूने का उपयोग करें। हल्दी पाउडर में एक चम्मच चूना मिलाकर, उसे गर्म कर लें और जब यह हल्का ठंडा हो जाए, तो इसे फोड़े वाले स्थान पर रख दें, जिसके उपर पान का पत्ता बांध लें। समस्या से निजात मिलेगी।
सावधानियां-
चूने का उपयोग, कभी भी गेहूं के दाने के बराबर ही करें, इससे अधिक नहीं। सुबह खाली पेट लेने से अधिक लाभ देता है, जिसे आप किसी भी जूस या फिर दही, पानी आदि के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा यदि आपको पथरी है तो भी चूने का उपयोग न करें। यह ऐसे रोगियों के लिए हानिकारक है।







Users Today : 7
Users This Month : 51
Total Users : 233589
Views Today : 7
Views This Month : 76
Total views : 54835



