
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का लगातार तीसरी बार सर्वोच्च नेता चुने जाने के बाद अब शी जिनपिंग ने वहां की सेना पर भी पूरी तरह से अपना कंट्रोल हासिल कर लिया है। चीन की सेना अब केवल अपने देश के प्रति ही वफादार नहीं रहेगी बल्कि अब शी जिनपिंग की भी पूरी वफादारी करेगी। ऐसे में शी जिनपिंग की चीन की सत्ता पर पकड़ और मजबूत होगी।
द हांगकांग पोस्ट के मुताबिक शी जिनपिंग ने अपनी फौज को आदेश दिए हैं कि वो अपनी सारी ताकत लड़ाई की तैयारियां करने में लगाए। जो भी मिशन उन्हें सौंपे जाएं उनमें पूरी तरह से कामयाब हों।
चीनी लीडरशिप की पूरी वफादारी से सुरक्षा
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चीन की सेना को यह भी आदेश मिला है कि उसे शी जिपिंग का कट्टर वफादार होना होगा। लीडरशिप को पूरी ताकत से बचाना होगा और उसका समर्थन करना होगा। द हांगकांग पोस्ट ने लिखा है कि सेना को लड़ने की क्षमता बढ़ाने पर कड़ी मेहनत करने और देश की अखंडता को बचाने पर जोर देने की बात कही गई है।
शी जिनपिंग ने किया मिलिट्री के कमांड सेंटर का दौरा
हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमिशन के ज्वाइंट कमांड सेंटर की जांच की थी। जिसे एक हिंट के तौर पर देखा जा रहा है कि अब चीनी सेना पूरी तरह से कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस में रखे गए एजेंडा पर ही काम करेगी।
कम्युनिस्ट पार्टी को बाहरी खतरे का डर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेना को पार्टी का वफादार बनाने की बाहरी खतरों को बड़ी वजह माना गया है। कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि मिलिट्री को यह समझना होगा की आज के दौर में लीडरशिप की सुरक्षा करना कितना जरूरी है। दुनिया में लगातार कई तरह के बदलाव आ रहे हैं जिससे चीन की सुरक्षा को और बेहतर करना होगा। मिलिट्री को कम्युनिस्ट पार्टी के विचारधार को मुताबिक काम करना होगा





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