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घर तोड़ने का अल्टीमेटम, लोगों ने घेरा कलेक्ट्रेट:कांग्रेस विधायक ने SDM के हाथ जोड़े, पैर पड़े; बोले- गरीबों के घर नहीं उजाड़ें

उज्जैन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने एसडीएम के हाथ जोड़े। इतना ही नहीं अफसर के पैरों में गिर गए। वह लोगों की समस्या को लेकर उनके पास गुहार लगाने पहुंचे थे। दरअसल सिंहस्थ की जमीन पर प्रशासन ने लोगों के मकानों को हटाने का नोटिस दिया था। इन्हीं लोगों के साथ विधायक सोमवार को कलेक्टर ऑफिस में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। विधायक ने अफसरों को खूब खरी-खोटी सुनाई।

उज्जैन में सिंहस्थ भूमि पर काटी गई अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोगों को नगर निगम ने रविवार को मकान खाली करने की आखिरी चेतवानी जारी की। इसके बाद सोमवार दोपहर गुलमोहर, श्री रामनगर, सूरज नगर, मंगल कॉलोनी व ग्यारसी नगर, ज्ञान टेकरी, जयसिंह पूरा क्षेत्र के रहने वाले करीब 350 लोगों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया।

मकान तोड़ने का अल्टीमेटम वापस लेने की मांग
रहवासियों की मांग थी कि प्रशासन द्वारा दो दिन में घर तोड़ने के दिया अल्टीमेटम वापस लिया जाए। गरीब लोगों को घर में रहने दिया जाए। इस दौरान रहवासियों का साथ देने कांग्रेस विधायक महेश परमार, कांग्रेस नेता विक्की यादव, सोनू शर्मा भी पहुंच गए।

रहवासियों की बात सुनने के लिए जब एसडीएम कल्याणी पांडे पहुंची, तो विधायक महेश परमार ने गरीबों के घर नहीं उजाड़ने की मांग की। बात करते-करते विधायक आक्रोशित हो गए। वे SDM कल्याणी पांडे के हाथ जोड़ते हुए पैर पड़ने लगे। परमार ने कहा कि गरीबों को उनके घर में रहने दो। उन्होंने चेतावनी दी- या तो गरीबों को घर मिलेंगे या फिर यहां से उनकी लाश जाएगी।

कांग्रेस विधायक ने एसडीएम के पैर पड़ लिए
नोटिस मिलने पर 24 नवंबर को भी रहवासी कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे। रविवार को एक बार फिर प्रशासन ने घर खाली करने की अंतिम चेतावानी देते हुए सभी कॉलोनियों में मुनादी करवाई थी। इसके बाद रहवासियों का आक्रोश बढ़ गया। करीब 5 अलग अलग क्षेत्रों के रहवासी सोमवार को प्रशासन की मुनादी के खिलाफ आक्रोशित हो गए। कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान एडीएम संतोष टैगोर और एसडीएम कल्याणी पांडे ने रहवासियों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने।

जब रजिस्ट्री हुई, तब अधिकारी कहां थे?: विधायक

विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि गरीबों के मकान तोड़े गए, तो उन अफसरों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। जिन अफसरों की देख रेख में उन अवैध मकानों की रजिस्ट्री कर दी गई। सिंहस्थ की जमीन के नाम पर जिस जमीन से बेदखल किया जा रहा है, वहां किस संत का डेरा लगा था, क्या वहां पर सैटेलाइट टाउन बना था या फिर पार्किंग बनाई गई थी?

10 लोगों की टीम रखेगी पक्ष

कांग्रेस नेता विक्की यादव ने बताया कि प्रशासन ने रहवासियों को एक दिन की मोहलत दी है। अब मंगलवार को होने वाली कार्रवाई फिलहाल आगे बढ़ा दी गई है। वहीं, रहवासियों की ओर से 10 लोगों की टीम बनाकर मामले में पक्ष रखकर कलेक्टर आशीष के साथ बैठक रखी है।

उज्जैन में कांग्रेस विधायक महेश परमार ने एसडीएम के हाथ जोड़े। इतना ही नहीं अफसर के पैरों में गिर गए। वह लोगों की समस्या को लेकर उनके पास गुहार लगाने पहुंचे थे। दरअसल सिंहस्थ की जमीन पर प्रशासन ने लोगों के मकानों को हटाने का नोटिस दिया था। इन्हीं लोगों के साथ विधायक सोमवार को कलेक्टर ऑफिस में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। विधायक ने अफसरों को खूब खरी-खोटी सुनाई।

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उज्जैन में सिंहस्थ भूमि पर काटी गई अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोगों को नगर निगम ने रविवार को मकान खाली करने की आखिरी चेतवानी जारी की। इसके बाद सोमवार दोपहर गुलमोहर, श्री रामनगर, सूरज नगर, मंगल कॉलोनी व ग्यारसी नगर, ज्ञान टेकरी, जयसिंह पूरा क्षेत्र के रहने वाले करीब 350 लोगों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया।

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मकान तोड़ने का अल्टीमेटम वापस लेने की मांग
रहवासियों की मांग थी कि प्रशासन द्वारा दो दिन में घर तोड़ने के दिया अल्टीमेटम वापस लिया जाए। गरीब लोगों को घर में रहने दिया जाए। इस दौरान रहवासियों का साथ देने कांग्रेस विधायक महेश परमार, कांग्रेस नेता विक्की यादव, सोनू शर्मा भी पहुंच गए।

रहवासियों की बात सुनने के लिए जब एसडीएम कल्याणी पांडे पहुंची, तो विधायक महेश परमार ने गरीबों के घर नहीं उजाड़ने की मांग की। बात करते-करते विधायक आक्रोशित हो गए। वे SDM कल्याणी पांडे के हाथ जोड़ते हुए पैर पड़ने लगे। परमार ने कहा कि गरीबों को उनके घर में रहने दो। उन्होंने चेतावनी दी- या तो गरीबों को घर मिलेंगे या फिर यहां से उनकी लाश जाएगी।

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कांग्रेस विधायक ने एसडीएम के पैर पड़ लिए
नोटिस मिलने पर 24 नवंबर को भी रहवासी कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे। रविवार को एक बार फिर प्रशासन ने घर खाली करने की अंतिम चेतावानी देते हुए सभी कॉलोनियों में मुनादी करवाई थी। इसके बाद रहवासियों का आक्रोश बढ़ गया। करीब 5 अलग अलग क्षेत्रों के रहवासी सोमवार को प्रशासन की मुनादी के खिलाफ आक्रोशित हो गए। कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान एडीएम संतोष टैगोर और एसडीएम कल्याणी पांडे ने रहवासियों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने।

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जब रजिस्ट्री हुई, तब अधिकारी कहां थे?: विधायक

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10 लोगों की टीम रखेगी पक्ष

कांग्रेस नेता विक्की यादव ने बताया कि प्रशासन ने रहवासियों को एक दिन की मोहलत दी है। अब मंगलवार को होने वाली कार्रवाई फिलहाल आगे बढ़ा दी गई है। वहीं, रहवासियों की ओर से 10 लोगों की टीम बनाकर मामले में पक्ष रखकर कलेक्टर आशीष के साथ बैठक रखी है।

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