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मोदी सरकार में इस स्कीम पर मिल रहा है 8.1% का ब्याज

सरकार की ओर से देश के नागरिकों के लिए कई स्कीम चलाई जा रही है. इनमें कई स्कीम गरीब लोगों के कल्याण के लिए भी है तो वहीं कई स्कीम किसानों के लिए भी है. इसके अलावा सरकार की ओर से नौकरीपेशा लोगों के लिए भी कई बचत योजनाएं चलाई जा रही है. इनमें एक स्कीम पीएफ की भी है. पीएफ के जरिए सरकार नौकरीपेशा लोगों को बचत की आदत डालती है. वहीं इस बचत राशि का इस्तेमाल पीएफ खाताधारक रिटारमेंट में कर सकते हैं.

इतना है ब्याज

ईपीएफ में योगदान करने वाला कोई भी कर्मचारी विभिन्न तरीकों का उपयोग करके अपने खाते की शेष राशि की जांच कर सकता है. शेष राशि का पता लगाने के लिए उन्हें वर्ष के अंत में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) डिटेल साझा करने के लिए नियोक्ता की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है. वहीं 2021-22 के लिए इस स्कीम पर 8.1 फीसदी का ब्याज दिया जा रहा है.

इतना देना होता है योगदान

इस स्कीम के तहत हर महीने कर्मचारी अपनी मूल आय का 12% पीएफ खाते में योगदान करता है और नियोक्ता को भी इतना ही योगदान करना होता है. हालांकि, कर्मचारी स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) के माध्यम से इससे अधिक योगदान कर सकते हैं. VPF और EPF पर ब्याज दर समान है. वहीं पीएफ खाते में बैलेंस चेक करने या फिर ब्याज आया है या नहीं ये ऑनलाइन भी चेक किया जा सकता है.

सरकार की ओर से देश के नागरिकों के लिए कई स्कीम चलाई जा रही है. इनमें कई स्कीम गरीब लोगों के कल्याण के लिए भी है तो वहीं कई स्कीम किसानों के लिए भी है. इसके अलावा सरकार की ओर से नौकरीपेशा लोगों के लिए भी कई बचत योजनाएं चलाई जा रही है. इनमें एक स्कीम पीएफ की भी है. पीएफ के जरिए सरकार नौकरीपेशा लोगों को बचत की आदत डालती है. वहीं इस बचत राशि का इस्तेमाल पीएफ खाताधारक रिटारमेंट में कर सकते हैं.

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इतना है ब्याज

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ईपीएफ में योगदान करने वाला कोई भी कर्मचारी विभिन्न तरीकों का उपयोग करके अपने खाते की शेष राशि की जांच कर सकता है. शेष राशि का पता लगाने के लिए उन्हें वर्ष के अंत में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) डिटेल साझा करने के लिए नियोक्ता की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है. वहीं 2021-22 के लिए इस स्कीम पर 8.1 फीसदी का ब्याज दिया जा रहा है.

इतना देना होता है योगदान

इस स्कीम के तहत हर महीने कर्मचारी अपनी मूल आय का 12% पीएफ खाते में योगदान करता है और नियोक्ता को भी इतना ही योगदान करना होता है. हालांकि, कर्मचारी स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) के माध्यम से इससे अधिक योगदान कर सकते हैं. VPF और EPF पर ब्याज दर समान है. वहीं पीएफ खाते में बैलेंस चेक करने या फिर ब्याज आया है या नहीं ये ऑनलाइन भी चेक किया जा सकता है.

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