गौरी शंकर रुद्राक्ष के धनदायक असीमित चमत्कारी फायदे
श्रम वीर भारत न्यूज़/एस्ट्रोलॉजी वास्तु शास्त्र 5अगस्त 2021
सनातन धर्म में रुद्राक्ष का प्रचलन आदि काल से चला आ रहा है
सनातन धर्म में रुद्राक्ष का प्रचलन आदि काल से चला आ रहा है ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जो रुद्राक्ष के बारे में ना जानता हूं लेकिन इनकी अद्भुत शक्तियां हर रुद्राक्ष में अलग-अलग होती है एक से 14 मुखी रुद्राक्ष होते हैं सभी के कार्यक्षेत्र अलग-अलग शक्तियां समाहित हैं उन्हीं रुद्राक्ष में एक गौरी शंकर रुद्राक्ष श्रेष्ठ और दुर्लभ होता है इस रुद्रा के दर्शन मात्र से सभी कार्य बनने लगते हैं गौरी शंकर रुद्राक्ष बड़ा दुर्लभ रुद्राक्ष है यदि यह ओरिजिनल शुद्ध रूप में मिल जाए तो आपके जीवन में धन वैभव कीर्ति मान सम्मान आकाश रूप से अपने आप जुड़ने लगता है
पूजन स्थान में रखकर इनकी पूजा करने से द्वादश ज्योतिर्लिंग का फल प्राप्त होता है
पूजन स्थान में रखकर इनकी पूजा करने से द्वादश ज्योतिर्लिंग का फल प्राप्त होता है यह साक्षात शिव पार्वती का रूप माना जाता है यह तो है ही इस रुद्राक्ष में अनेकानेक दिव्य शक्ति समाहित रहती है इसके धारण करने से 1 से लेकर 14 मुखी रुद्राक्ष का फल प्राप्त होता है
जिस स्थान पर यह होता है वह भगवान शिव और माता पार्वती का स्थाई निवास होता है
जिस स्थान पर यह होता है वह भगवान शिव और माता पार्वती का स्थाई निवास होता है उस स्थान पर कभी भी धन की कमी नहीं रहती इस जांच के प्रभाव से पति-पत्नी में आपसी प्रेम निरंतर बना रहता है तथा समय पर संतान सुख प्राप्त होता है एवं संतान योग होती है जिस व्यक्ति को पारिवारिक सुख में कमी अथवा संतान बाधा या विवाहमें किसी भी प्रकार का बाधा आ रही हो
वह इस रुद्राक्ष को अवश्य धारण करें एक मुखी रुद्राक्ष की तरह इस रुद्राक्ष को प्रत्येक व्यक्ति धारण कर सकता है किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार का कोई भी कष्ट हो आर्थिक हानि होती हो धन की कमी हो निर्णय क्षमता में कमी हो अर्थात उचित निर्णय नहीं ले पाता हूं तो वह रुद्राक्ष धारण करें ।
गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करने से सर्वोच्च लाभ प्राप्त होने लगता है
गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करने से सर्वोच्च लाभ प्राप्त होने लगता है किसी महिला के पति यदि उसे प्रेम नहीं करते हो तो वह महिला इस का पूजन कर पति का फोटो प्राप्त कर सकती है इसको धारण करने के अतिथि पूजा संस्थान में अथवा धन रखने के स्थान में भी रखा जा सकता है जिस स्थान पर इस विद्या का पूजन होता है वहां रहने वाले लोगों के मन में प्रेम पूर्ण रूप से समाहित रहता है पति पत्नी में आप पर विशेष प्रेम विश्वास बना रहता है जिससे परिवार में शांति बनी रहती है ।
यदि किसी की जन्म पत्रिका में गुरु ग्रह के कारण कोई समस्या हो तो इस रुद्राक्ष को धारण कर गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त की जा सकती है आर्थिक लाभ प्राप्त करने के साथ-साथ आय में वृद्धि गौरी शंकर रुद्राक्ष के धारण करने से होती क्योंकि इस रुद्राक्ष में गुरु ग्रह का भी प्रतिनिधित्व है गुरु ग्रह को ज्योतिष में धन का कारक कहा गया है इसलिए यह रुद्राक्ष धनदायक सिद्ध हो जाता है हर प्रकार के कार्य मनोवांछित फल देने लगता है।
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रुद्राक्ष को असली धारण करें और असली ही पूजन करें रुद्राक्ष को सिद्धि रत्न एवं ज्योतिष के कार्यालय द्वारा भी पूर्व प्राण प्रतिष्ठित मंगाया के आप धारण कर सकते हैं
ओम नमः शिवाय
इस रुद्राक्ष के धारण करने का मंत्र
ॐ श्री गौरी शंकराय नमः
जब संख्या एक हजार आठ
दिन सोमवार या गुरुवार समय प्रातः काल
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पंडित मनु मिश्रा ज्योतिषाचार्य सिद्धि रत्न ज्योतिष








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