ऑक्सीजन की कमी से खंडवा में 11 तो जबलपुर में 5 की मौत
प्रदेश में प्राणवायु को लेकर हाहाकार, सरकार
भोपाल. खंडवा में ऑक्सीजन की कमी,से गुरुवार रात 8 बजे से 12 बजे के बीच 11 मरीजों ने दम तोड़ दिया। डीन अनंत पवार ने कहा ऑक्सीजन बेड नहीं बचे हैं। हम कुछ नहीं कर सकते। हड़कंप मचते ही कलेक्टर, एसपी मौके पर पहुंच गए और ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई। ऐसे ही हालातों में जबलपुर में पांच मौतें हुईं।
ऑक्सीजन प्लांट में बुधवार को आई खराबी से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में छह की मौत हुई है। इधर, प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए अब भिलाई, राउरकेला और देवरी से रोज 450 टन ऑक्सीजन आएगी। अभी 400 टन ऑक्सीजन की जरूरत है।
मंत्री के सामने रोया था पर नहीं बचा भाई
राजगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज की कोरोना से मौत हो गई, जबकि दो दिन पहले अस्पताल में ही मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के सामने उसका भाई बिलख कर रोया था, लेकिन उसे इंजेक्सन नहीं मिल पाया।
ऑक्सीजन प्लांट में बड़ा हादसा
सतना औद्योगिक क्षेत्र स्थित जीवन रक्षक गैस फिलिंग प्लांट में बुधवार रात एक बड़ा हादसा
टल गया। ऊपर से गुजर रही 33 केवी की हाइटेंशन लाइन टूट कर प्लांट पर गिर गई। इससे प्लांट में लगे विद्युत उपकरण जल गए।
सरकार का जबाब
गुरुवार को राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में सुवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने कहा कि कोरोना के इलाज को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और बिस्तरों की कमी नहीं है। महाधिवक्ता पीके कौरव ने इसकी विस्तृत रूप से रिपोर्ट सौंपी।
एक दिन में रिकॉर्ड 10166 पॉजिटिव, 53 मौत
पूरे मध्यप्रदेश में कोरोना से मौतों का रेकॉर्ड बन रहा है। बीते 24 घंटे में 53 मौतें दर्ज की गई। यह तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 23 सितंबर को 45 मौतें हुई थीं। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 10,166 नए संक्रमित मिले। इंदौर में 1693 तो भोपाल में 1637 नए पॉजिटिव सामने आए। इन्हें मिलाकर अब तक 3,73,518 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके वर्तमान में 55,694 एक्टिव केस हैं।






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