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कोरोना संकट के बीच लिक्विड प्लांट में आई खराबी, अस्पतालों में ऑक्सीजन की बढ़ी किल्लत By: श्रम वीर भारत न्यूज़

 

कोरोना संकट के बीच लिक्विड प्लांट में आई खराबी, अस्पतालों में ऑक्सीजन की बढ़ी किल्लत

लिक्विड प्लांट खराब होने से ऑक्सीजन के लिए मचा हाहाकार। जबलपुर के अस्पतालों में बढ़ी किल्लत, सिर्फ एक प्लांट कर रहा काम।

जबलपुर/ मध्य प्रदेश समेत जबलपुर में तेजी से पाव पसार रहे कोरोना संक्रमण के बीच रिछाई में ऑक्सीजन इंडस्ट्री के लिक्विड प्लांट में बुधवार को आई तकनीकी खराबी के कारण शहर के अस्पतालों में हाहाकार मच गया। ऑक्सीजन के एक-एक सिलेंडर के लिए मारामारी मच गई। प्लांट के बाहर अस्पतालों की गाड़ियों की कतार लग गई। ऐसे में एयर सेपरेशन प्लांट से जितनी ऑक्सीजन बन पा रही थी, उससे सप्लाई की गई। लिक्विड प्लांट को सुधारने के लिए इंजीनियर नागपुर से जबलपुर आ रहे हैं। ऐसें में स्थितियों में सुधार हो पाना गुरुवार शाम तक ही संभव होगा।

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शहर के लिये ऑक्सीजन की ये है व्यवस्था

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जिले में ऑक्सीजन के लिए रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में दो प्लांट हैं। उनमें जैनिम इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का लिक्विड प्लांट अभी बंद है। केवल आदित्य एयर प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड में चल रहे दो प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई शहर के निजी एवं सरकारी अस्पतालों में हो रही थी। यहां पर एक लिक्विड प्लांट हैं, जिससे लिक्विड के जरिए ऑक्सीजन तैयार होती है। दूसरा एयर सेपरेशन प्लांट हैं। उसमें कंप्रेशर के जरिए ऑक्सीजन बनती है।

लिक्विड पम्प ने बंद किया काम

बताया जा रहा है कि, बुधवार को यहां चल रहे लिक्विड प्लांट के पंप में अचानक खराबी आ गई। उसने लिक्विड खींचना बंद कर दिया। ऐसे में ऑक्सीजन की रीफिलिंग होना बंद हो गई। जब इसकी जानकारी प्रशासन को लगी, तो हड़कंप मच गया। आला अधिकारी प्लांट में पहुंचे और स्थितियों का जायजा लिया। स्थानीय स्तर पर पंप को सुधारने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिलने के कारण नागपुर से इंजीनियर को बुलाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक टीम जबलपुर से भेजी गई है। इसी प्रकार नागपुर से भी इंजीनियरों की टीम निकल गई है। दोनों बीच में जहां भी मिलेंगे, वहां से जबलपुर आएंगे।

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एक घंटे में सिर्फ 45 सिलेंडर

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इस बीच अभी केवल एयर सेपरेशन प्लांट चल रहा है। उसमे हर घंटे सिर्फ 45 ऑक्सीजन सिलेंडर निकल पा रहे हैं। इतने कम सिलेंडर के कारण अब केवल बहुत ज्यादा जरुरत वाले अस्पतालों को 6 से 8 सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार दूसरे वैकल्पिक इंतजामों के लिए भी प्रशासन कवायद कर रहा है। ज्ञात हो कि, कोरोना के संक्रमण के कारण शहर में अभी रोजाना 25 से 28 सौ सिलेंडर ऑक्सीजन की जरुरत पड़ रही है।

 

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