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श्रमिक स्पेशल चलाने के लिए अब राज्यों की अनुमति जरूरी नहीं : रेलवे

मंत्रालय ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी कामगारों को उनके घरों तक जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों को अब राज्यों की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अपने पुराने वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि कामगारों के लिये 200 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने का रेलवे ने वादा किया था, उससे आगे बढ़कर यात्रियों की सेवा में हमने रिकार्ड 204 ट्रेन चलाई हैं। भारतीय रेल द्वारा कामगारों को उनके गृह राज्य भेजने के लिये अभी तक 1,773 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है।
रेल मंत्रालय में सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक राजेश दत्त बाजपेई ने बताया कि रेलवे ने मंगलवार को रिकॉर्ड 204 ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनें चलाई। उन्होंने कहा कि ‘श्रमिक विशेष’ ट्रेनों को अब राज्यों से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इससे राज्यों के साथ संपर्क में लगने वाले समय की बचत होगी और निर्णय तेजी से लिया जा सकेगा उन्होंने कहा रेलवे 1 जून से नॉन‑एसी ट्रेनों की 100 जोड़ी अर्थात 200 रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू करेगा। इन ट्रेनों के लिए केवल ऑनलाइन टिकट बुकिंग उपलब्ध होगी। जल्द ही इन ट्रेनों की समय सारणी जारी की जाएगी। गैर‑वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी की यह ट्रेन सेवा पहले से चल रही श्रमिक स्पेशल और 15 जोड़ी वातानुकूलित ट्रेनों के अलावा होंगी।
उल्लेखनीय है कि रेलवे लॉक डाउन में विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए 1 मई से श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों और 12 मई से 15 जोड़ी वातानुकूलित स्पेशल रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू कर रहा है।
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