
- प्रदेश के सभी कारखानों को दी निरीक्षण से छूट
भोपाल।प्रदेश की शिवराज सरकार ने वैश्विक महामारी कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में अधिकाधिक आर्थिक गतिविधियों एवं रोजगार के अवसर पैदा करने के लिये एक हजार दिन की नई कार्ययोजना बनाई है जिसके तहत व्यापक श्रम सुधार किये जा रहे हैं। इसी के तहत प्रदेश के सभी पंजीकृत कारखानों को तीन माह तक निरीक्षण आदि विभिन्न प्रावधानों से छूट प्रदान की गई है।
इस संबंध में राज्य के श्रम विभाग ने कारखाना अधिनियम 1948 के तहत नया प्रावधान जारी किया है। नये प्रावधान के तहत आगामी तीन माह के लिये राज्य में पंजीकृत सभी कारखानों को कारखाना अधिनियम 1948 तथा मप्र कारखाना नियम 1962 के सभी प्रावधानों सें छूट प्रदान कर दी गई है। परन्तु कारखाना अधिनियम के सुरक्षा संबंधी प्रावधानों और मप्र कारखाना नियमावली 1962 से छूट नहीं प्रदान की गई है।
इस संबंध में राज्य के श्रम विभाग ने कारखाना अधिनियम 1948 के तहत नया प्रावधान जारी किया है। नये प्रावधान के तहत आगामी तीन माह के लिये राज्य में पंजीकृत सभी कारखानों को कारखाना अधिनियम 1948 तथा मप्र कारखाना नियम 1962 के सभी प्रावधानों सें छूट प्रदान कर दी गई है। परन्तु कारखाना अधिनियम के सुरक्षा संबंधी प्रावधानों और मप्र कारखाना नियमावली 1962 से छूट नहीं प्रदान की गई है।
अब विवरणी एक ही बार ऑनलाईन जमा होगी :
इधर राज्य सरकार ने एक नया उपबंध और कर दिया है। इसके तहत अब राज्य के सभी कारखानों को साल में दो बार अपनी विवरणी श्रम विभाग के पास जमा नहीं करना होगी बल्कि हर साल 1 फरवरी के पूर्व संयुक्त विवरणी भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की वेबसाईट पर ऑनलाईन इलेक्ट्रानिक रुप में प्रस्तुत करना होगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने कोविड-19 के सन्दर्भ में एक हजार दिनों की कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत प्रदेश के सभी पंजीकृत कारखानों को संबंधित अधिनियम के सुरक्षा संबंधी प्रावधानों को छोडक़र शेष सभी उपबंधों से छूट प्रदान की गई है। इनमें निरीक्षण आदि प्रावधान हैं जिनसे छूट दी जायेगी जिससे आर्थिक गतिविधियां एवं रोजगार बढ़े।
डॉ. नवीन जोशी





Users Today : 2
Users This Month : 12
Total Users : 236655
Views Today : 2
Views This Month : 18
Total views : 59111



