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अमित शाह के बाद क्या राजनाथ भी आर्मी कैंटीन में स्वदेशी उत्पाद की बिक्री करेंगे जरूरी?

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए जनता से लोकल प्रोडक्ट्स (भारत में बने उत्पाद) इस्तेमाल करने की अपील की थी, जिससे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सबसे पहले अमलीजामा पहनाया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जून से सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कैंटीनों पर अब सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री किए जाने का नियम लागू कर दिया. इसके बाद स्वदेशी जागरण मंच से लेकर बीजेपी नेता तक, सभी ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही रक्षा मंत्रालय की आर्मी कैंटीन में स्वदेशी उत्पाद बेचे जाएंगे.
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने aajtak.in से बात करते हुए कहा कि स्वदेशी उत्पादों को लेकर गृह मंत्रालय ने जो शुरुआत की है, उसी राह पर रक्षा मंत्रालय सहित सभी सरकारी विभाग को आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि आर्मी कैंटीन, जिसे कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (सीएसडी) से देश के करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोग खरीदारी करते हैं. इसलिए अगर रक्षा मंत्रालय भी ऐसा ही फैसला लेता है तो देश को भी फायदा होगा और स्वदेशी समान के उत्पादन करने वाले लोगों का भी. ऐसे में अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऊपर निर्भर करेगा कि वो क्या फैसला लेते हैं?
महाजन ने कहा कि जनरल फाइनेंस रूट्स के तहत भारत सरकार के सभी मंत्रालयों में नियम है कि 50 लाख की तय राशि तक की अगर खरीद होती है तो उसमें स्वदेशी उत्पाद ही खरीदे जाएंगे. हमें उम्मीद है कि अब इसे गंभीरता से लागू किया जाएगा. आर्मी कैंटीन में इसे अमलीजामा पहनाया जाता है तो जिन समानों की डिमांड होगी उसे देश में उत्पादन किया जा सकता है, क्योंकि देश के लोगों में हर समान को बनाने की पूरी क्षमता है.
उन्होंने कहा कि सरकार ही सबसे बड़ी खरीदार हैं. ऐसे में भारत सरकार अपने स्वदेशी प्रोडक्ट की खरीद अनिवार्य करती है तो इससे देश को आत्म निर्भर बनने में मजबूती मिलेगी. अश्विनी महाजन ने कहा कि इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने कि लिए कोई स्पेशल प्लान आया हो, लेकिन अब जब मोदी सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है तो सभी मंत्रालय और विभागों को चाहिए कि वो ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी समान की खरीदारी करें.
बीजेपी के प्रवक्ता जफर इस्लाम ने कहा कि मोदी सरकार लोकल सप्लाई और स्थानीय मार्केट को ज्यादा मजबूत करना चाहती है, जिसके लिए 20 लाख करोड़ का पैकेज दिया गया है. ऐसे में आर्मी कैंटीन से लेकर सरकारी विभागों की पहली प्राथमिकता स्वदेशी समानों की खरीदारी करने और बिक्री करने की होगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी शुरुआत कर दी है और जल्द ही रक्षा मंत्रालय समेत तमाम विभाग इस दिशा में बढ़ते हुए दिखेंगे.
जफर इस्लाम कहते हैं कि सरकार ने 200 करोड़ रुपये तक की सरकारी खरीद में ग्लोबल टेंडर को खत्म किया है और उससे देसी कंपनियों के बहुत बड़ा फायदा होगा. उन्होंने कहा कि अभी तक ये होता था कि छोटे कंपनियां क्षमता होने के बाद इसमें भाग नहीं ले पाती थी, अब वो आसानी से प्रवेश करेंगी. इससे लोकल प्रोडक्ट की सप्लाई में फायदा होगा. इसके अलावा सरकार ने MSME को जिस तरह से सपोर्ट किया है, उससे लोकल मार्केट मजबूत होगी. भारत दुनिया के दूसरे देशों की तरह नहीं है कि वो केवल समान बनाए, यहां मार्केंट भी है और संसाधन भी हैं. इन सारे कदम से हम आगे आत्म निर्भरता की ओर तेजी से बढ़ेंगे
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