बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड जैसे कुछ राज्यों की मांग पर गृह मंत्रालय ने अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्री, पर्यटकों और छात्रों की आवाजाही के लिए गाइडलाइन तैयार की है. नई गाइडलाइन के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करने और फंसे हुए लोगों को वापस भेजने और लेने के लिए एक एसओपी की तैनाती करनी होगी. एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के इच्छुक लोगों के लिए राज्यों को आपस में बात करनी पड़ेगी.
MHA की गाइडलाइन के अनुसार, एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जा रहे लोगों की पहले जांच होगी. जांच के बाद ही प्रवासी लोगों को घर भेजा जाएगा. ऐसे लोगों को अपने गंतव्य पर पहुंचने पर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए क्वारनटीन किया जाएगा. इसके साथ ही इन सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.






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