नई दिल्लीः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने शुक्रवार को स्वदेश निर्मित क्रायोजेनिक इंजन-डी का स्टेज परीक्षण सफलतापूर्वक किया। इसरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने कहा, जीएसएलवी एमके 3 के लिए क्रायोजेनिक का उच्च स्तर का पूर्णकालिक उड़ान परीक्षण सफल रहा। इससे जीएसएलवी मार्क 3 सी-25 उपग्रह के प्रक्षेपण का रास्ता साफ होगा। अप्रैल में इंजन का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का परीक्षण एक वास्तविक रॉकेट प्रक्षेपण से पूर्व की कड़ी में अंतिम था।
इससे पहले इसरो ने बुधवार को 104 सैटेलाइट लांच कर देश को गर्व का एक और मौका दिया। इस उपलब्धि के बाद दुनिया के कई छोटे-बड़े देश अपनी सैटेलाइट लांच कराने के लिए भारत का रुख कर रहे हैं। अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में इसरो की इस कामयाबी ने भारत को अमरीका और रूस से भी आगे खड़ा कर दिया है। साथ ही यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इस मिशन से इसरो को करीब 100 करोड़ रुपए की कमाई हुई है।






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