जीत पर हिस्ट्रीशीटर और पत्नी बने दूल्हा-दुल्हन:भोपाल में BJP ने जिस सट्टा किंग बाबू मस्तान की पत्नी का टिकट काटा, वे निर्दलीय जीतीं
भोपाल नगर निगम के वार्ड-40 से भाजपा ने पूर्व पार्षद को हिस्ट्रीशीटर बताकर उसकी पत्नी का टिकट काट दिया था। उन्होंने 3060 वोटों से निर्दलीय जीत हासिल की है। चुनाव जीतने के बाद पति-पत्नी दूल्हा-दुल्हन का लिबास में जीत का प्रमाण पत्र लेने मतगणना स्थल पुरानी जेल पहुंचे।
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58 साल का बाबू मस्तान हिस्ट्रीशीटर रहा है। बाबू मस्तान का नाम ऐशबाग थाने की गुंडा सूची में दर्ज है। यही वजह थी कि भाजपा ने उनकी पत्नी मसर्रत को पार्षद चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया था। मसर्रत ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। बाबू मस्तान और मसर्रत को दूल्हा-दुल्हन के लिबास में देखकर मतगणना स्थल पर अधिकारी-कर्मचारी भी मुस्कारते दिखे। बाबू मस्तान को सट्टा किंग के नाम से भी जाना जाता है। मस्तान पर ऐशबाग सहित शहर के अन्य थानों में 3 अपराध हैं। उनके खिलाफ 2 बार जिलाबदर की कार्रवाई हो चुकी है।
खुद भी रह चुका है पार्षद
रेल में चोरी की वारदात से अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद बाबू मस्तान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। देखते ही देखते राजनीति के मैदान में कदम जमा लिया। कांग्रेस के बाद वह भाजपा में शामिल हुआ। वह खुद भी पार्षद रह चुका है।
बाबू मस्तान और उसकी पत्नी मसर्रत ने विक्ट्री साइन दिखाकर फोटो भी खिंचवाए।
महिला आरक्षित सीट होने पर पत्नी को उतारा
वार्ड-40 इस बार महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित था। ऐसे में भाजपा ने मसर्रत को टिकट दे दिया। इसका विरोध होने के बाद भाजपा ने मसर्रत का टिकट काट दिया। ऐसे में मसर्रत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरीं और बड़े अंतर से जीत गईं।
भांजा है खूंखार बदमाश
बाबू उर्फ मस्तान इंद्रा कॉलोनी, बाग उमराव दूल्हा का रहने वाला है। उसका भांजा जुबेर मौलाना शहर का खूंखार बदमाश है। राजधानी के चर्चित मेवाती हत्याकांड में मस्तान का भाई अकरम मौलाना आरोपी रहा है। तब मस्तान का परिवार सुर्खियों में आया। तीन साल पहले अतिक्रमण में होने की वजह से बाबू मस्तान के मकान का कुछ हिस्सा भी प्रशासन ने ढहा दिया था।






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