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MP में जून में कोरोना से 7 मौत:पिछले महीने 1878 लोग संक्रमित, इनमें 18-59 उम्र वाले 1500 से ज्यादा By manu Mishra shramveerbharat news 5july2022

 MP में जून में कोरोना से 7 मौत:पिछले महीने 1878 लोग संक्रमित, इनमें 18-59 उम्र वाले 1500 से ज्यादा

By manu Mishra shramveerbharat news 5july2022

MP में जून में कोरोना से 7 मौत:पिछले महीने 1878 लोग संक्रमित, इनमें 18-59 उम्र वाले 1500 से ज्यादा By manu Mishra shramveerbharat news 5july2022


मध्यप्रदेश में निकाय चुनाव के बीच कोरोना एक बार फिर डराने लगा है। मार्च के बाद अप्रैल और मई में कोरोना से मौतों को लेकर राहत रही। वहीं, मई की तुलना में जून में कोरोना से मौतें 86% तक बढ़ गई हैं। जून में करीब 1878 लोग संक्रमित हुए। 55 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दौरान 7 लोगों की जान चली गई। चिंताजनक बात यह है कि अब उम्रदराज लोगों के लिए संक्रमण से जान का खतरा बढ़ रहा है। जद में आने से जिन सात मरीजों की मौतें हुई, उनमें से 4 की उम्र 70+ थी।

फैमिली मेंबर्स के जरिए संक्रमित हो रहे बुजुर्ग

एक्सपर्ट कहते हैं कि सरकार ने थर्ड वेव के बाद केस कम होने पर कोविड के प्रतिबंध खत्म कर दिए थे। ऐसे में वैक्सीनेशन करा चुके लोग घर से बाहर निकलते वक्त मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे। इससे अब घर के नौजवान ही कैरियर के तौर पर संक्रमण घर के बुजुर्गों तक पहुंचा रहे हैं। नतीजा, संक्रमण के कारण उम्रदराज और दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की हालत बिगड़ रही है।

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लापरवाही की हद : 186 मरीज नॉन वैक्सीनेटेड

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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले एक महीने में संक्रमित मिले मरीजों में 186 मरीज ऐसे हैं, जिन्होंने वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लगवाया था। 44 पॉजिटिव ऐसे हैं, जिन्हें सिर्फ एक डोज ही लगा था। अब तेजी से मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में नॉन वैक्सीनेटेड ग्रुप को गंभीर खतरा भी बढ़ रहा है।

बूस्टर डोज नहीं लगवा रहे लोग

केंद्र सरकार ने 18 से 59 साल की उम्र के लोगों को अब पेड बूस्टर डोज लगाने की अनुमति दे दी है। लेकिन, लोग पैसे देकर प्राइवेट हॉस्पिटल्स में बूस्टर डोज लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं। प्रदेश में 18 से 59 साल के उम्र के अब तक सिर्फ 28 हजार लोगों को ही बूस्टर डोज लग पाया है। भोपाल जैसे बड़े शहर में बूस्टर डोज लगाने के लिए एक-दो निजी अस्पतालों में ही व्यवस्था है।

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जून में हुई 7 मौतें

3 जून: जबलपुर में साउथ सिविल लाइन्स निवासी 58 साल के दौलत रामचंदानी की मौत हुई। वे 2 जून को पॉजिटिव आए थे। एक दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया था।

9 जून: इंदौर के साकेत नगर निवासी 93 साल की अमला गौड़ की सात दिन आईसीयू में भर्ती रहने के बाद मौत हुई।

9 जून: भोपाल की अरेरा कॉलोनी निवासी 76 साल के श्याम राव की चार दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद एम्स में डेथ हो गई।

16 जून: जबलपुर के कटरा बेलखेड़ा निवासी 55 साल की मुन्नी बी की जबलपुर मेडिकल कॉलेज में डेथ हुई। 12 जून को पॉजिटिव आने के बाद उन्हें एक दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया था।

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25 जून: जबलपुर के लाइफ लाइन हॉस्पिटल में पाटन इलाके के खजरी गांव निवासी 100 साल के जगदीश सिंह चंदेल की कोरोना से मौत हुई। उन्हें चार दिन आइसोलेशन और एक दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।

26 जून: भोपाल के कस्तूरबा अस्पताल में 80 साल के बैजनाथ विश्वकर्मा की कोरोना से डेथ हुई। वे 9 जून को अस्पताल में भर्ती हुए थे और दस दिन बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 18 दिन आईसीयू में भर्ती रहने के बाद 26 जून को मौत हो गई।

30 जून: मेडिकल अस्पताल में भर्ती 55 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई।

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