पोर्न VIDEO
ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर के ऑफिशियल वॉट्सएप ग्रुप पर PHE के असिस्टेंट इंजीनियर ने पोर्न VIDEO शेयर कर दिया।
By manu Mishra 13June2022
चार मिनट के इस सुहागरात VIDEO को देख अफसरों में भी हड़कंप मच गया। इसके बाद पूरे नगर निगम में कामकाज की बजाय इंजीनियर का भेजा ये VIDEO चर्चा का विषय बन गया। यह VIDEO कई और ग्रुप में भी वायरल होने लगा। जिस ग्रुप में इंजीनियर ने यह वीडियो डाला था वहां नगर निगम आयुक्त सिर्फ आदेश-निर्देश जारी करते हैं।
इंजीनियर की इस हरकत पर आयुक्त किशोर कान्याल काफी नाराज हुए। उन्होंने असिस्टेंट इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों ना आपको सस्पेंड कर दिया जाए। इस मामले में असिस्टेंट इंजीनियर का कहना है कि वह गलती से सेंड हो गया था। हालांकि गलती से शेयर करने के बाद भी उन्होंने उसे डिलीट नहीं किया, ये हैरानी की बात है। फिलहाल उनके सिर पर नोटिस की तलवार लटकी है। वीडियो शेयर करने वाले इंजीनियर का नाम डीके गुप्ता है, जिनकी उम्र करीब 59 साल है।
इंजीनियर को यह कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है
इंजीनियर को यह कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है
यह है पूरा मामला
ग्वालियर नगर निगम में अफसरों के कामकाज से लेकर सफाई कर्मचारियों पर निगरानी के लिए कई ऑफिशियल ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें से एक ग्रुप में सभी इंजीनियर और विभाग प्रमुख जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप को खुद निगमायुक्त किशोर कान्याल संचालित करते हैं। इसमें अफसरों के लिए आदेश-निर्देश जारी किए जाते हैं। इसी ग्रुप में नगर निगम के PHE विभाग के सहायक यंत्री डीके गुप्ता भी जुड़े हुए हैं।
निगम के ऑफिशियल वॉटसएप ग्रुप पर उन्होंने रविवार शाम को चार मिनट का एक पोर्न VIDEO शेयर कर दिया। जिसमें सुहागरात का सीन दिखाया गया था। इंजीनियर के मोबाइल से आए VIDEO ने ग्रुप पर ऐसी हलचल पैदा कर दी कि हंगामा खड़ा हो गया। इंजीनियर तो VIDEO डालकर भूल गए, लेकिन निगम में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कुछ ही देर में यह निगम आयुक्त के पास भी पहुंच गया। ग्रुप में इस तरह का VIDEO देखकर वह काफी नाराज हुए।
इंजीनियर को मिला शो कॉज नोटिस
घटना के बाद निगम आयुक्त ने इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में लिखा गया है कि 12 जून 2022 को आपके द्वारा नगर निगम के आधिकारिक वॉट्सएप ग्रुप पर वीडियो शेयर किया है, जो आपत्तिजनक होने के साथ अन्य सेवकों पर विपरीत उदाहरण पेश करता है। आप शासकीय सेवक हैं, अत: आपका यह कृत्य शासकीय सेवकों के लिए निर्धारित नियमों के खिलाफ है। क्यों न आपके खिलाफ इस नियम के तहत सस्पेंड की कार्रवाई कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण तीन दिन के अंदर मुझे लिखित में दें। अन्यथा आपके खिलाफ नियम के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।






Users Today : 14
Users This Month : 42
Total Users : 233580
Views Today : 19
Views This Month : 67
Total views : 54826



