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वीरभद्र सिंह के दबदबे वाली शिमला ग्रामीण में BJP को पहली जीत का इंतजार

पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के दबदबे वाली शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट पर पिछले 10 वर्षों से कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। वर्ष 2012 में अस्तित्व में आए इस विधानसभा क्षेत्र में 2012 में पहली बार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कांग्रेस के विधायक बने तो वर्ष 2017 के विस चुनाव में उनके सुपूत्र विक्रमादित्य सिंह यहां से जीत कर विधानसभा पहुंचे। भाजपा को इस सीट पर अपनी पहली जीत का इंतजार है। कांग्रेस की ओर से मौजूदा विधायक विक्रमादित्य सिंह फिर से चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने नए चेहरे पर दांव खेला है। भाजपा नेतृत्व में 2017 में चुनाव लड़ने वाले प्रमोद शर्मा का टिकट काटकर रवि मेहता को उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह की बात करें, तो पिछले पांच वर्षों में वह इस हल्के में काफी सक्रिय दिखे हैं। उन्होंने कई खेलकूद प्रतियोगिताएं करवाकर युवाओं में काफी अच्दी पैठ बना ली है। उनके पिता वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री रहते हुए इस हल्के में कई विकास परियोजनाएं ला चुके हैं। ऐसे में भाजपा को इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ रहा है।

भाजपा चुनाव प्रचार में विक्रमादित्य सिंह को बाहरी नेता बता रही है और रवि मेहता को धरतीपुत्र बताया जा रहा है। दरअसल विक्रमादित्य सिंह मूलतः शिमला जिला के रामपुर बुशहर के निवासी हैं। उनके पिता वीरभद्र सिंह ने अपने कई चुनाव रामपुर से लड़े हैं। लेकिन वर्ष 2012 में रामपुर हल्के के आरक्षित होने के कारण वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण से विस चुनाव लड़ा था। अब विक्रमादित्य सिंह उनकी विरासत संभाल रहे हैं। दूसरी तरफ अभाविप से राजनीति में आए रवि मेहता शिमला ग्रामीण के शोघी के स्थायी निवासी हैं।

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शिमला ग्रामीण हल्के के सामाजिक ताना-बाना की बात करें, तो यहां हर जाति-समुदाय के मतदाता हैं। जातिगत समुदाय की बात करें तो ठाकुर मतदाता इस सीट पर निर्णाय भूमिका निभा सकते हैं।

कांग्रेस उम्मीदवार विक्रमादित्य सिंह एक अरब की संपति के मालिक
शिमला ग्रामीण से मौजूदा विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह उन धनकुबेरों में शामिल हैं, जिनकी संपति एक अरब के पार है। छह बार सीएम रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह के सुपूत्र विक्रमादित्य सिंह को विरासत में अथाह संपति मिली है। 33 वर्षीय विक्रमादित्य सिंह की चल एंव अचल संपति के अरब से भी अधिक है। नामांकन के दौरान चुनाव आयोग में जमा हल्फनामे में विक्रमादित्य सिंह ने अपनी चल एवं अचल संपति 101 करोड़ रूपये दिखाई है। इसमें चल संपति 10.97 करोड़ और अचल संपति 90.33 करोड़ है। चल संपति में विक्रमादित्य सिंह के पास दो लाख रूपये की नकदी, सेविंग के नाम पर एक दर्जन पालिसियां व बैंक अकाउट में पैसे जमा हैं। इसके अलावा उन्होंने मयूचुअल फंड में भारी निवेश किया है। विक्रमादित्य सिंह के पास तीन लग्जरी गाड़ियां हैं, जिनकी कीमत क्रमशः 30 लाख, 28 लाख और 5.20 लाख है। विक्रमादित्य सिंह के पास 29.30 लाख के जेवर हैं। इसके अलावा उनके पास मौजूद जिम, लैपटॉप और मोबाइल की कीमत 10 लाख रूपये है। अचल संपति में विक्रमादित्य सिंह के नाम कृषि भूमि, गैर कृषि भूमि, व्यवसायिक और रिहायशी भवन हैं।

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हल्फनामे के मुताबिक शिमला जिले में विक्रमादित्य सिंह के चार रिहायशी भवन हैं, जिनकी कीमत करोड़ों मे है। उनका सबसे चर्चित आवास शिमला शहर का हाली लाज है। 97907 स्केवयर फीट में बने इस आवास का बाजारी मूल्य 34.90 करोड़ है। इसी तरह रामपुर स्थित पदम पैलेस की कीमत 30.52 करोड़ है और यह 174142 स्कवेयर फीट में फैला है। इसके अलावा उनका अप्पर शिमला के डमराली में 2507 स्कवेयर फीट और सराहन में 4057 स्कवेयर फीट क्षेत्रफल में रिहायशी भवन है, जिनकी कीमत क्रमशः 25 लाख और 10 लाख है। विक्रमादित्य सिंह के पास शिमला और रामपुर में दो व्यवसायिक भवन भी हैं। रामपुर में 39086 स्कवेयर फीट व्यवसायिक भवन की कीमत 7.53 करोड़ और शिमला शहर में 11371 स्कवेयर फीट व्यवसायिक भवन की कीमत 4.53 करोड़ है। सिंह पर 1.38 करोड़ की देनदारियां भी हैं। विक्रमादित्य सिंह की शैक्षणिक योग्यता पीजी है। उन्होंने अपनी जमा दो की पढ़ाई बिशप कॉटन स्कूल शिमला, बीए की पढ़ाई हंस राज कालेज दिल्ली यूनिवर्सिटी और एमए इतिहास की पढ़ाई स्टीफन कालेज दिल्ली से की है।

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भाजपा के रवि मेहता की संपति 2.30 करोड़
शिमला ग्रामीण से विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ भाजपा ने रवि मेहता पर दांव खेला है। 50 वर्षीय रवि मेहता संगठन में रहे हैं। वह पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। हल्फनामे में रवि मेहता ने अपनी चल एवं अचल संपति 2.30 करोड दिखाई है। इसमें उनके परिवार की 17 लाख की चल व 2.13 करोड़ की अचल संपति है। चल संपति में उनके नाम नौ लाख और पत्नी के नाम आठ लाख की राशि है। उनके पास कृषि भूमि के अलावा गैर कृषि भूमि और कई रिहायशी भवन हैं। हालांकि उनके पास व्यसायिक भवन नहीं है। रवि मेहता की शैक्षणिक योग्यता पीजी है। उन्होंने प्रदेश विवि से एमए इंग्लिश की डिग्री हासिल की है। रवि मेहता पर 23 लाख की देनदारियां हैं।

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