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इंडोनेशिया में कफ सीरप से मौत का मामला:पीड़ित परिवारों ने सरकार के खिलाफ केस दायर किया; 199 लोगों की मौत हुई थी

इंडोनेशिया में कफ सीरप से मौतों के मामले में पीड़ित परिवारों ने सरकार और संबंधित दवा कंपनियों के खिलाफ केस दायर कर दिया है। अगस्त से अब तक यहां कथित तौर पर कफ सीरप के चलते किडनी से जुड़ी बीमारियां हुईं और इनमें 199 लोग मारे गए। इनमें से ज्यादातर बच्चे थे।
इंडोनेशिया में कफ सीरप से मौतों के मामले में पीड़ित परिवारों ने सरकार और संबंधित दवा कंपनियों के खिलाफ केस दायर कर दिया है। अगस्त से अब तक यहां कथित तौर पर कफ सीरप के चलते किडनी से जुड़ी बीमारियां हुईं और इनमें 199 लोग मारे गए। इनमें से ज्यादातर बच्चे थे।

इंडोनेशिया में कफ सीरप से मौतों के मामले में पीड़ित परिवारों ने सरकार और संबंधित दवा कंपनियों के खिलाफ केस दायर कर दिया है। अगस्त से अब तक यहां कथित तौर पर कफ सीरप के चलते किडनी से जुड़ी बीमारियां हुईं और इनमें 199 लोग मारे गए। इनमें से ज्यादातर बच्चे थे।

मामला बढ़ा तो सरकार ने जांच के आदेश दिए और इसमें पाया गया कि कफ सीरप में दिक्कत थी और इसके बाद कुछ लिक्विड मेडिसिन की बिक्री पर रोक लगा दी गई।

केस किनके खिलाफ
पीड़ितों की तरफ से मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ, फूड एंड ड्रग एजेंसी और 7 दवा कंपनियों के खिलाफ केस दायर किया गया है। ये सभी कंपनियां वो हैं जिन पर आरोप है कि उनके कफ सीरप में दो इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स ऐसे थे, जिनकी वजह से लोगों को किडनी संबंधित बीमारियां हुईं। इस दौरान 199 लोग मारे गए और कई गंभीर रूप से बीमार हैं।

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विक्टिम फैमिलीज के वकील अवान पुरयादी ने न्यूज एजेंसी को इस बारे में जानकारी दी। कहा- हमने कोर्ट केस इसलिए दायर किया, क्योंकि संबंधित विभाग हानिकारक दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने में नाकाम रहे। इसके अलावा उन पर कोई सख्त कार्रवाई भी नहीं की गई। आप देख सकते हैं कि बच्चों समेत कितने लोगों की मौत हो चुकी है और कितने घायल हैं।

जिम्मेदारी कौन लेगा
अवान ने एक सवाल के जवाब में कहा- हमें हैरानी इस बात की है कि इतने लोगों की मौत के बाद भी कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है? इससे ज्यादा दुख की बात और क्या हो सकती है। ये तो सीधे तौर पर इंसानियत के भी खिलाफ है। अब हम इंसाफ के लिए अदालत के दरवाजे पर पहुंचे हैं। पूरी उम्मीद है कि अब न्याय होगा और जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा मिलेगी।

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उन्होंने आगे कहा- हमने कोर्ट में जो केस दायर किया है, उसमें साफ तौर पर कहा है कि दवा कंपनियों, इनके सप्लायर्स, फूड एंड ड्रग एजेंसी के अलावा हमारी हेल्थ मिनिस्ट्री इस केस का जिम्मा ले और बताए कि यह सब कैसे हुआ।

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मुआवजे की भी मांग
अवान के मुताबिक, विक्टिम्स की फैमिलीज ने हर मारे गए व्यक्ति के परिवार के लिए 1.5 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा है। इसके अलावा जो गंभीर तौर पर घायल हैं, उनके लिए भी हर व्यक्ति के लिए एक करोड़ रुपए मांगे गए हैं। वैसे तो यह केस दो लोगों ने दायर किया है, लेकिन उनको 12 और पीड़ित परिवारों का समर्थन है। माना जा रहा है कि भविष्य में और परिवार भी इस केस से जुड़ सकते हैं।

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पुलिस ने अब तक तीन कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू की है। अक्टूबर में अफ्रीकी देश जाम्बिया में भी कथित तौर पर कफ सीरप की वजह से 70 बच्चों की मौत हो गई थी।

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