जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य के दौरान निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया और एमपीआरडीसी की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। यही कारण रहा कि सितंबर 2025 में पुल की एक लेन ढह गई। सुधार कार्य पूरा होने से पहले ही दूसरा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि लेन-1 के सुधार कार्य के दौरान खुली हुई रिटेनिंग वॉल को कंक्रीट का सहारा दिया गया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। वाहनों के अत्यधिक कंपन (वाइब्रेशन) से बेस कमजोर होता गया और पुल का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत में लगभग 2 से 2.5 माह का समय लग सकता है। फिलहाल उस हिस्से को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और मौके पर पुलिस बल तैनात है। उल्लेखनीय है कि रविवार दोपहर लगभग 3 बजे नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा के पास बने इस आरओबी का एक हिस्सा अचानक धंस गया था।
- घटना: जबलपुर–भोपाल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 (NH-45) पर शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा ढह गया।
- कांग्रेस का आरोप: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने इस पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि “बीजेपी का पर्याय अब भ्रष्टाचार हो गया है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर बताया कि 400 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल का तीन साल में ही दूसरा हिस्सा टूट गया, जिससे जनता की मेहनत का पैसा बर्बाद हो रहा है।
- NHAI की सफाई: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्पष्ट किया कि जिस हिस्से के धंसने की बात कही जा रही है, वह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उनका कहना है कि इस संबंध में फैलाई जा रही जानकारी भ्रामक है।





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