तमिलनाडु विधानसभा में शनिवार को जबरदस्त हंगामे, तोड़फोड़ के बीच एक महीने से चल रही सियासी खींचतान पर सीएम के बहुमत के साथ अल्पविराम लग गया।विधानसभा में बहुमत तो साबित हो गया, लेकिन विधानसभा के इतिहास में शनिवार काले दिन के रुप में दर्ज हो गया। हंगामे के बीच स्पीकर पी धानापल की शर्ट भी फाड़ी गई, कुर्सियां तोड़ी गईं और इस दौरान एक कर्मचारी भी घायल हो गया। इस जद्दोजहद के बीच सीएम पलानीसामी ने बहुमत साबित करने के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में बहुमत हासिल कर लिया।
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत प्रस्ताव पेश
बहुमत परीक्षण से पहले DMK के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन, पार्टी के अन्य विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे। विधानसभा भवन के गार्डों की तलाशी से गुस्साए एमके स्टालिन, विधायकों के संग विधानसभा से बाहर आए और पलनीस्वामी के खिलाफ और पनीरसेल्वम के समर्थन में नारे लगाए।
2- मीडिया को विधानसभा में जाने से रोक
तमिलनाडु विधानसभा के सुरक्षाबलों ने मीडिया को विधानसभा भवन में जाने से रोक दिया। जिसके बाद काफी देर तक पुलिस और मीडियाकर्मियों में बहस होती रही।
3- तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत प्रस्ताव पेश
जिसके बाद तमिलनाडु विधानसभा में नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री पलनीस्वामी ने विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पेश कर दिया। तमिलनाडु विधानसभा में पिछले 29 साल में यह पहला मौका था जब सरकार इस तरह से सदन में बहुमत साबित कर रही थी।
तमिलानाडु विधानसभा के सभी दरवाजे किए गए बंद
बहुमत परीक्षण शुरू होने से पहले पनीरसेल्मव गुट के विधायकों ने सीक्रेट बैलेट की मांग करते हुए विधानसभा में नारे लगाए। पनीरसेल्वम गुट का कहना था कि कई विधायकों को शशिकला गुट ने जबरन रिजॉर्ट में रखा है। सीक्रेट बैलेट होने से वे विधायक पलनीस्वामी के विरोध में वोट कर सकते हैं। कांग्रेस विधायकों ने भी बहुमत परीक्षण साबित करने के लिए सीक्रेट बैलेट की मांग की। कांग्रेस के साथ ही इंडियन मुस्लिम लीग ने भी सीक्रेट बैलेट की मांग का समर्थन किया।
5- तमिलानाडु विधानसभा के सभी दरवाजे किए गए बंद
विधानसभा में बहुमत परीक्षण से पहले विधानसभा भवन के सभी दरवाजे बंद कर दिए गए। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष, पी धनपप्ल ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘मैं विश्वास दिलाता हूं कि विधायकों को उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।’
6- विधानसभा अध्यक्ष ने ठुकराई डीमके की मांग
तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पी. धनप्पल ने डीमके की बहुमत परीक्षण को किसी और दिन टालने की मांग को ठुकरा दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने साथ ही सीक्रेट बैलेट पर बोलते हुए कहा कि, कैसे वोट करना है, यह मेरा निर्णय होगा और इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
विधायकों ने फेंकी कुर्सियां, एक अधिकारी घायल
सीक्रेट बैलेट की मांग अस्वीकार हो जाने के बाद डीमके विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष का घेराव किया। डीमके विधायकों सहित सभी विपक्षी दलों की मांग थी कि सीक्रेट बैलेट के जरिए बहुमत परीक्षण किया जाए। बहुमत परीक्षण से पहले विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। डीमके विधायक पूनगोटाई अलादी अरुणा ने बेंच पर चढ़ सीक्रेट बैलेट के समर्थन में नारे लगाए।
वहीं कुछ डीमके विधायकों ने सीक्रेट बैलेट के समर्थन में कुर्सियां उछालीं। विधानसभा में डीमके विधायकों का विरोध उग्र होता गया। हंगामे के बीच डीमके विधायक कु का सेल्वम, स्पीकर की कुर्सी पर जाकर बैठ गए। स्पीकर की कुर्सी तोड़ दी गई इसके साथ ही उनका माइक्रोफोन फेंक दिया गया। डीमके विधायकों के विधानसभा में उग्र प्रदर्शन से विधानसभा भवन में तैनात एक अधिकारी घायल हो गया। अधिकारी को अस्पताल ले जाने के लिए विधानसभा भवन में एंबुलेंस बुलाई गई।
8- DMK विधायकों को स्पीकर ने सदन से बाहर निकाला
हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई उसके बाद भी डीमके विधायकों का हंगामा शांत नहीं हुआ। जिसके बाद स्पीकर ने उन्हें सदन से बाहर निकालने का आदेश दे दिया। स्पीकर ने कहा, ‘आप ने(डीमके विधायक) मेरी शर्ट फाड़ी, मुझे अपमानित किया। मैं कानून का पालन करते हुए अपना काम कर रहा हूं। आपने मुझे रोका, इसलिए आप लोंगों को बाहर निकालने का आदेश देता हूं।’
बहुमत साबित, स्टालिन गिरफ्तार
विधानसभा स्थगित होने के बाद फिर से सदन की कार्यवाही शुरु हुई तो स्पीकर पी धानापल ने कहा कि मेरी शर्ट फाड़ी गई, लेकिन फिर भी सदन की कार्यवाही को शुरू कर रहा हूं और कानून मुताबिक कार्यवाही चलेगी। वहीं विधानसभा में हुए घमासान का ठीकरा डीएमके नेता एमके स्टालिन ने स्पीकर पर फोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि स्पीकर ने खुद शर्ट फाड़ी और डीएमके विधायकों पर इल्जाम लगा दिया। शर्ट उनकी नहीं मेरी फाड़ी गई है। और अंत में तमिलनाडु विधानसभा में सीएम पलानीसामी ने विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया। उन्हें 122 वोट मिले, जबकि 11 वोट उनके खिलाफ दिए गए। वहीं बहुमत साबित होने पर पन्नीरसेल्वम बोले कि डीएमके विधायक तीन घंटे तक लोकतंत्र को बचाने की गुहार लगाते रहे,लेकिन हम जैसे ही बाहर गए विश्वासमत जीत लिया गया। हमें इस पर शक है। वोटरों के साथ हुआ धोखा। अंत में धर्म की ही होगी जीत।
10 -स्टालिन गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन के बाद स्टालिन और डीएमके के दूसरे विधायक भूख हड़ताल पर बैठे रहे थे। पुलिस ने उन्होंने मनाने की कोशिश की। उनके नहीं मानने पर पुलिस ने स्टालिन समेत सभी को गिरफ्तार कर लिया है।






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