Breaking News

ईसाई धर्मगुरु के घर से 1.65 करोड़ कैश मिला:जबलपुर में मकान-ऑफिस पर EOW का छापा, स्कूल फीस के करोड़ों रुपए धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर किए




ईसाई धर्मगुरु के घर से 1.65 करोड़ कैश मिला:जबलपुर में मकान-ऑफिस पर EOW का छापा, स्कूल फीस के करोड़ों रुपए धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर किए

ईसाई धर्मगुरु के घर से 1.65 करोड़ कैश मिला:जबलपुर में मकान-ऑफिस पर EOW का छापा, स्कूल फीस के करोड़ों रुपए धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर किए
R p singh धर्म गुरू

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने गुरुवार सुबह जबलपुर में ‘द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया’ के चेयरमैन बिशप पीसी सिंह के घर और ऑफिस पर दबिश दी। शुरुआती पड़ताल में उनके घर से 1 करोड़ 65 लाख रुपए नकद के अलावा 18 हजार यूएस डॉलर भी मिले हैं। कैश गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी। हालांकि बिशप पीसी सिंह घर पर नहीं मिले, वे फिलहाल जर्मनी में हैं। घर में उनका बेटा मिला।

See also  Jabalpur News: जिला सत्र न्यायालय में धमाके से मचा हड़कंप

बिशप पर सोसायटी के स्कूलों को फीस के रूप में मिले ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले का आरोप है। जिसे उन्होंने निजी कामों में खर्च किया और धार्मिक संस्थानों को ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा उन पर संस्था का मूल नाम, खुद की मर्जी से बदलकर चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज होने का आरोप भी है। EOW की टीम बिशप के घर और ऑफिस से उनके द्वारा की गई वित्तीय गड़बड़ियों के दस्तावेज खंगाल रही है। खबर लिखे जाने तक EOW की कार्रवाई जारी थी।

बिशप ने किया पद का दुरुपयोग
EOW एसपी देवेंद्र सिंह ने बताया कि ‘द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया डायोसिस’ के चेयरमैन बिशप पीसी सिंह और तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार बीएस सोलंकी के खिलाफ शिकायत मिली थी। इन दोनों पर 2.7 करोड़ के फीस घोटाले का आरोप है। दरअसल संस्था को अलग-अलग शैक्षणिक संस्थाओं में पढ़ रहे स्टूडेंट्स की फीस से करीब 2.7 करोड़ रुपए मिले थे। चेयरमैन बिशप पीसी सिंह ने इन पैसों को धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर और खुद के निजी कामों में खर्च करके पद का दुरुपयोग किया। दोनों ने यह गड़बड़ी वित्तीय वर्ष 2004-05 से 2011-12 के बीच की। मामले की शुरुआती जांच के बाद डीएसपी मनजीत सिंह ने बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित घर और ऑफिस में गुरुवार सुबह छापामार कार्रवाई की है।

EOW के छापे के दौरान बिशप पीसी सिंह घर पर नहीं मिले, वे फिलहाल जर्मनी में हैं।

खोज रहे गबन के दस्तावेज
EOW अफसरों ने बताया कि दबिश के दौरान संस्था के चेयरमैन के गबन के दस्तावेज, टीम खोज रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने संस्था का मूल नाम भी बिना अधिकृत स्वीकृति के खुद ही बदल दिया। साथ ही वह अपनी मर्जी से संस्था के चेयरमैन बन गए।

See also  देवताल तालाब में उतराता मिला मानव भ्रूण:मृत भ्रूण को देख पार्क में मचा हड़कंप
Facebook
Twitter
LinkedIn

Related Posts

Verified by MonsterInsights