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पहली बार जबलपुर सेंट्रल जेल से 63 कैदी रिहा:गांधी जयंती पर उम्र कैद की सजा काट रहे 1 महिला और 62 पुरुष बंदियों को छोड़ा

print friendly Save Money & the Environment 100% 100% जबलपुर सेंट्रल जेल से 63 कैदी रिहा:गांधी जयंती पर उम्र कैद की सजा काट रहे 1 महिला और 62 पुरुष बंदियों को छोड़ा dainik-b.in/4prSBBjjNtb गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जबलपुर के सेंट्रल जेल से 63 कैदियों को रिहा किया गया। यह पहला मौका था, जब गांधी जयंती के अवसर पर कैदियों को रिहा किया गया है। जिसमें 1 महिला कैदी और कुल 62 पुरुष उम्रकैद की सजा काट रहे थे। रविवार को इन्हें रिहा कर दिया गया। वर्ष में 4 बार किया जाएगा रिहा हालांकि अभी तक सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर कैदियों को छोड़ा जाता था, लेकिन राज्य सरकार के आदेश के बाद अब कैदियों को वर्ष में 4 बार छोड़े जाने का प्रावधान किया गया हैं। इसके पहले कुछ महीने या कुछ दिन कम होने के कारण कैदी रिहा होने से वंचित हो जाते थे। जिन्हें स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के लंबे अंतराल 6 महीने तक का इंतजार करना पड़ता था। अब वर्ष में चार बार रिहा होने की तिथि के कारण जेल में बंद कैदियों को लाभ मिलेगा। शासन के द्वारा अब स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के अलावा दो अन्य दिन गांधी जयंती व अंबेडकर जयंती के अवसर पर कैदियों को रिहा किया जाएगा। रिहा के दौरान परिवार को देख भाव विभोर हुए कैदी नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल से 63 बंदियों को दोपहर में रिहा कर दिया गया। इस दौरान जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने सभी कैदियों को अपने जीवन को सफल बनाने की शुभकामनाएं दी। वहीं, कैदी परिवार को साथ देखकर भाव विभोर भी हो गए। उन्होंने कहा जीवन में ऐसी गलती नहीं की जाएगी। जिसका परिणाम हमें और हमारे परिवार को भी भुगतना पड़े।

पहली बार जबलपुर सेंट्रल जेल से 63 कैदी रिहा:गांधी जयंती पर उम्र कैद की सजा काट रहे 1 महिला और 62 पुरुष बंदियों को छोड़ा

print friendly Save Money & the Environment     100%  100% जबलपुर सेंट्रल जेल से 63 कैदी रिहा:गांधी जयंती पर उम्र कैद की सजा काट रहे 1 महिला और 62 पुरुष बंदियों को छोड़ा dainik-b.in/4prSBBjjNtb  गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जबलपुर के सेंट्रल जेल से 63 कैदियों को रिहा किया गया। यह पहला मौका था, जब गांधी जयंती के अवसर पर कैदियों को रिहा किया गया है। जिसमें 1 महिला कैदी और कुल 62 पुरुष उम्रकैद की सजा काट रहे थे। रविवार को इन्हें रिहा कर दिया गया।  वर्ष में 4 बार किया जाएगा रिहा  हालांकि अभी तक सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर कैदियों को छोड़ा जाता था, लेकिन राज्य सरकार के आदेश के बाद अब कैदियों को वर्ष में 4 बार छोड़े जाने का प्रावधान किया गया हैं। इसके पहले कुछ महीने या कुछ दिन कम होने के कारण कैदी रिहा होने से वंचित हो जाते थे।  जिन्हें स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के लंबे अंतराल 6 महीने तक का इंतजार करना पड़ता था। अब वर्ष में चार बार रिहा होने की तिथि के कारण जेल में बंद कैदियों को लाभ मिलेगा। शासन के द्वारा अब स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के अलावा दो अन्य दिन गांधी जयंती व अंबेडकर जयंती के अवसर पर कैदियों को रिहा किया जाएगा।  रिहा के दौरान परिवार को देख भाव विभोर हुए कैदी  नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल से 63 बंदियों को दोपहर में रिहा कर दिया गया। इस दौरान जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने सभी कैदियों को अपने जीवन को सफल बनाने की शुभकामनाएं दी। वहीं, कैदी परिवार को साथ देखकर भाव विभोर भी हो गए। उन्होंने कहा जीवन में ऐसी गलती नहीं की जाएगी। जिसका परिणाम हमें और हमारे परिवार को भी भुगतना पड़े।

गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जबलपुर के सेंट्रल जेल से 63 कैदियों को रिहा किया गया। यह पहला मौका था, जब गांधी जयंती के अवसर पर कैदियों को रिहा किया गया है। जिसमें 1 महिला कैदी और कुल 62 पुरुष उम्रकैद की सजा काट रहे थे। रविवार को इन्हें रिहा कर दिया गया।

वर्ष में 4 बार किया जाएगा रिहा

हालांकि अभी तक सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर कैदियों को छोड़ा जाता था, लेकिन राज्य सरकार के आदेश के बाद अब कैदियों को वर्ष में 4 बार छोड़े जाने का प्रावधान किया गया हैं। इसके पहले कुछ महीने या कुछ दिन कम होने के कारण कैदी रिहा होने से वंचित हो जाते थे।

जिन्हें स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के लंबे अंतराल 6 महीने तक का इंतजार करना पड़ता था। अब वर्ष में चार बार रिहा होने की तिथि के कारण जेल में बंद कैदियों को लाभ मिलेगा। शासन के द्वारा अब स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस के अलावा दो अन्य दिन गांधी जयंती व अंबेडकर जयंती के अवसर पर कैदियों को रिहा किया जाएगा।

रिहा के दौरान परिवार को देख भाव विभोर हुए कैदी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल से 63 बंदियों को दोपहर में रिहा कर दिया गया। इस दौरान जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने सभी कैदियों को अपने जीवन को सफल बनाने की शुभकामनाएं दी। वहीं, कैदी परिवार को साथ देखकर भाव विभोर भी हो गए। उन्होंने कहा जीवन में ऐसी गलती नहीं की जाएगी। जिसका परिणाम हमें और हमारे परिवार को भी भुगतना पड़े।

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