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जिसने देखा उसकी आंखें हुईं नम:बर्थडे मनाने के दौरान डूबे 5 दोस्त, साथ हुई अंत्येष्टि

जिसने देखा उसकी आंखें हुईं नम:बर्थडे मनाने के दौरान डूबे 5 दोस्त, साथ हुई अंत्येष्टि

मप्र में नदी के घाट पर बर्थडे मनाने गए 5 बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। SDRF की टीम ने रातभर तलाशी की, तब जाकर पांचों के शव मिले। पांचों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। जिसने भी ये दृश्य देखा उसकी आंखें भींग गई।

पढ़िए बच्चों के गांव देवराखुर्द से रिपोर्ट

कटनी जिले का देवराखुर्द गांव। दोपहर के तीन बजे हैं। पूरे गांव का हर चेहरा रूआंसा है। वजह भी ऐसी है कि दर्द से कलेजा कांप जाए। पांच घरों की खुशियां एक झटके में खत्म हो गई हैं। गांव में रहने वाले आयुष पिता कमलेश विश्वकर्मा (13) का जन्मदिन सोमवार को था। वो अपने दोस्त महपाल सिंह पिता ब्रजमोहन सिंह (15), साहिल पिता शिवचरण चक्रवर्ती (15), सूर्या पिता सोने लाल विश्वकर्मा (15) और अनुज पिता मनोज सोनी (13) के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाने कटनी नदी घाट पर गया था। चारों बच्चे जब नहीं लौटे तो गांव वालों ने खोजबीन शुरू की।

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हॉलीवुड से उठा ली ‘भेड़िया’ की कहानी

नदी किनारे बच्चों के सिर्फ कपड़े और चप्पल-जूते मिले। प्रशासन को सूचना दी गई। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF टीम ने तीन बच्चों के शव निकाले। दो बच्चों के शव मंगलवार सुबह मिले। बताया जा रहा है कि पांचों बच्चे तैरना नहीं जानते थे। बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया इसके बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शॉर्ट पीएम में फेफड़ों में पानी भरने की बात सामने आई।

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घटना की सूचना पर पूरे गांव में मातम छा गया। किसी घर में चूल्हा नहीं जला। पोस्टमार्टम के बाद जब शव को गांव के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो करीब पूरा गांव ही बच्चों को अंतिम विदाई देने पहुंच गया। सभी आंखें भींगी हुई रहीं। हर चेहरे पर दर्द के भाव आते-जाते रहे। पड़ोस में रहने वाले युवक ने बताया कि सारे बच्चे घर से स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन सभी पिकनिक मनाने नदी घाट के पास चले गए। पिकनिक मनाने के बाद बच्चे नहाने के लिए नदी में चले गए और नदी में डूब गए। सरकार ने सभी पांच पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। गांव के ही एक बुजुर्ग ने कहा कि गांव की इस सहानुभूति और सरकार की मदद से परिवार को संबल जरूर मिला है लेकिन इस दीपावली उनके दीपक बुझ जाने की कमी अब किसी सहारे से नहीं भरी जा सकेगी।

मनु मिश्रा 2
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Author: मनु मिश्रा 2

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